अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
Trump on US-Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य हमलों ने ईरान की सेना को इतना गंभीर नुकसान पहुंचाया है कि उसे फिर से खड़ा होने में कम से कम दस साल लग सकते हैं। हालांकि, ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि वह संघर्ष की समाप्ति या ईरान की पूर्ण हार की घोषणा करने के पक्ष में नहीं हैं।
एयरफोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या वह युद्ध खत्म होने की घोषणा करने को तैयार हैं, तो ट्रंप ने कहा, “ऐसा कोई कारण नहीं है। मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि ईरान पूरी तरह तबाह हो चुका है। हमने उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया है। अगर हम अभी भी हट जाएं, तो उन्हें फिर से खड़ा होने में 10 साल से भी अधिक समय लग सकता है, लेकिन मैं यह नहीं कह रहा कि सब कुछ खत्म हो गया।”
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सैन्य अभियान ने ईरान को सैन्य दृष्टि से हरा दिया है। उनका कहना था, “हमने ईरान को असल में हरा दिया है। वे थोड़ा-बहुत पलटवार कर सकते हैं, लेकिन वह ज्यादा प्रभावी नहीं होगा। हमने उनकी वायुसेना को नष्ट कर दिया है और उनकी वायु रक्षा प्रणालियाँ खत्म कर दी हैं। अब उनके पास कोई प्रभावी वायु रक्षा नहीं बची है।” ट्रंप ने यह भी बताया कि इस सैन्य कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण ईरानी नेताओं को निशाना बनाया गया है।
उन्होंने ईरान के खारग द्वीप पर हुए हमलों का जिक्र किया, जो कि ईरान का प्रमुख तेल निर्यात केंद्र है। उन्होंने कहा, “हमने केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, लेकिन ईरान के तेल ढांचे को बरकरार रखा है। खारग द्वीप पर उनका एक छोटा हिस्सा ही बचा है, और बाकी पाइपलाइनें और तेल निर्यात के मुख्य केंद्र पर हमला किया गया है। अगर हम चाहें, तो 5 मिनट में बाकी सब कुछ नष्ट कर सकते हैं, लेकिन मैंने फिलहाल ऐसा नहीं करने का फैसला किया है।”
ट्रंप ने ईरान से बातचीत करने की संभावना जताई, लेकिन यह भी कहा कि वे फिलहाल इसके लिए तैयार नहीं हैं। “ईरान बातचीत करना चाहता है, वे इस पर बहुत उत्सुक हैं। लेकिन मुझे नहीं लगता कि वे अभी तैयार हैं। जो जानकारी मुझे मिल रही है, उसके मुताबिक, वे बातचीत के लिए उत्सुक हैं और उन्हें तैयार भी होना चाहिए, लेकिन वे अभी वह कदम नहीं उठा रहे जो आवश्यक है। फिर भी, किसी न किसी मोड़ पर वे इसके लिए तैयार हो सकते हैं।”
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इसके विपरीत, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्रंप के दावों का खंडन किया। उन्होंने CBS न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान ने कभी युद्धविराम या बातचीत की मांग नहीं की है। अराघची ने कहा, “हमने कभी युद्धविराम या बातचीत की मांग नहीं की। हम अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं, जब तक यह आवश्यक होगा।”