तुलसी गबार्ड को डोनाल्ड ट्रंप ने नेशनल इंटेलिजेंस का बनाया निदेशक, भारत से नहीं है उनका कोई संबंध
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व सांसद तुलसी गबार्ड को नेशनल इंटेलिजेंस का डायरेक्टर बनाने की घोषणा किया है। ट्रंप की इस घोषणा के बाद तुलसी ने ट्रंप को शुक्रिया अदा किया।
- Written By: साक्षी सिंह
तस्वीर में डोनाल्ड ट्रंप और तुलसी गबार्ड
वाशिंगटन: अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व सांसद तुलसी गबार्ड को नेशनल इंटेलिजेंस का डायरेक्टर बनाने की घोषणा किया है। ट्रंप की इस घोषणा के बाद तुलसी ने ट्रंप को शुक्रिया अदा किया।
तुलसी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, अमेरिकी लोगों की सुरक्षा और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए आपके मंत्रिमंडल के सदस्य के रूप में सेवा करने का अवसर देने के लिए शुक्रिया डोनाल्ड ट्रंप। आपके साथ मैं काम करने के लिए बेहद उत्सुक हूं।
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डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा
डोनाल्ड ट्रंप ने तुलसी को यह जिम्मेदारदी दी। साथ ही कहा कि मुझे यह ऐलान करते हुए खुशी हो रही है कि कांग्रेस की पूर्व महिला सदस्य, लेफ्टिनेंट कर्नल तुलसी गबार्ड नेशनल इंटेलिजेंस के निदेशक (DNI) के तौर पर काम करेंगी।
तुलसी गबार्ड का एक्स पर पोस्ट
Thank you, @realDonaldTrump, for the opportunity to serve as a member of your cabinet to defend the safety, security and freedom of the American people. I look forward to getting to work. pic.twitter.com/YHhhzY0lNp — Tulsi Gabbard 🌺 (@TulsiGabbard) November 13, 2024
कौन हैं तुलसी गबार्ड
बता दें कि तुलसी गबार्ड अमेरिकी नागरिक हैं। वे दो दशकों से भी ज्यादा समय तकअमेरिकी सेना के लिए काम कर चुकी हैं। तुलसी आर्मी नेशनल गार्ड के तौर पर इराक औक कुवैत में भी तैनात रही हैं। उन्होंने होमलैंड सिक्योरिटी कमिटी में भी दो साल से ज्यादा समय तक काम किया है।
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भारत से नहीं है कोई संबंध
मीडिया हाउस बीबीसी के मुताबिक, तुलसी गबार्ड को उनके नाम की वजह से अक्सर भारतीय मूल का समझ लिया जाता है। लेकिन उनका भारत से कोई संबंध नहीं है। तुलसी के पिता ईसाई हैं। और उनकी मां ने हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया था।
