अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप , फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Donald Trump 48 Hour Ultimatum Iran: अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक कड़ा 48 घंटे का अल्टीमेटम जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पूरी तरह बहाल नहीं की गई तो अमेरिकी सेना ईरान के बिजली संयंत्रों को ‘मटियामेट’ कर देगी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध अपने चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है।
फ्लोरिडा स्थित अपने आवास से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ट्रंप ने लिखा कि यदि ईरान अगले 48 घंटों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी खतरे के पूरी तरह से नहीं खोलता है तो अमेरिका उनके विभिन्न बिजली संयंत्रों को निशाना बनाएगा और उन्हें नष्ट कर देगा, जिसकी शुरुआत सबसे बड़े संयंत्र से होगी। हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे किस विशेष संयंत्र को निशाना बनाने की बात कर रहे हैं।
ट्रंप की इस धमकी के जवाब में ईरानी सेना ने भी कड़ा रुख अपनाया है। तेहरान ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान के ईंधन या ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर कोई हमला होता है, तो वे इस क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी ऊर्जा बुनियादी ढांचों को निशाना बनाएंगे। ईरान ने पहले ही घोषणा कर रखी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए बंद रहेगा जबकि अन्य देशों के जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने के लिए वे सैन्य स्तर पर निर्णय लेंगे।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग है जहां से शांति के समय विश्व का लगभग पांचवां हिस्सा तेल और गैस गुजरता है। युद्ध के कारण इस मार्ग पर यातायात लगभग ठप्प हो गया है जिससे वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी जा रही है।
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दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप का यह अल्टीमेटम उस समय आया है जब अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने दावा किया है कि उन्होंने बमबारी के जरिए ईरान की जहाजों पर हमला करने की क्षमता को काफी कम कर दिया है। एडमिरल ब्रैड कूपर के अनुसार, हाल ही में किए गए हवाई हमलों में ईरान के मिसाइल भंडारण और रडार केंद्रों को नष्ट कर दिया गया है। इसके बावजूद, ट्रंप के आक्रामक रुख ने युद्ध को खत्म करने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है जबकि एक दिन पहले ही उन्होंने सैन्य अभियानों को ‘समेटने’ की बात कही थी।