दिल्ली में मस्जिद के बुलडोजर एक्शन पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया (सोर्स- सोशल मीडिया)
Delhi Faiz e Ilahi Masjid Pakistan Reaction: पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत के आंतरिक मामलों में दखल देते हुए दिल्ली में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने दिल्ली के तुर्कमेनिस्तान गेट के पास स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान पर अपनी प्रतिक्रिया दी और इसे मुस्लिम सांस्कृतिक विरासत के खिलाफ एक साजिश बताया।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता, ताहिर अंद्राबी ने एक साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि उनकी निगाह इस अभियान पर थी और यह भी आरोप लगाया कि यह अभियान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) समर्थित था। उन्होंने यह भी कहा कि अतिक्रमण हटाने के बहाने मस्जिदों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि सरकार ने फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास अतिक्रमण कर कार्रवाई की है न की मस्जिद को तोड़ा है।
अंद्राबी ने यह चिंता भी व्यक्त की कि फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास स्थित वक्फ संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने मस्जिद को एक सदियों पुरानी ऐतिहासिक संरचना बताते हुए इसे मुस्लिम सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर के रूप में महत्व दिया। इसके साथ ही, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से भारत में अल्पसंख्यकों के धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों की सुरक्षा की अपील की।
वहीं, दिल्ली के तुर्कमेनिस्तान गेट के पास स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के आस-पास बुधवार तड़के चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान दिल्ली नगर निगम (MCD) ने यह स्पष्ट किया कि मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। MCD के एक अधिकारी ने बताया कि इस अभियान के दौरान केवल अवैध संरचनाओं को ध्वस्त किया गया था, जिनमें एक मैरिज हॉल, औषधालय और दो मंजिला चहारदीवारी शामिल थे।
दिल्ली पुलिस ने भी यह पुष्टि की कि मस्जिद के पास की भूमि एमसीडी की है और अभियान शुरू करने से पहले पुलिस को सूचित किया गया था।इस अभियान के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पथराव करके अशांति फैलाने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
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यह पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान ने मुसलमानों का नाम लेकर भारत को बदनाम करने की कोशिश की हो। इससे पहले भी पाकिस्तान ने भारत पर कश्मीरी मुसलमानों और मुस्लिम समुदाय की आवाज़ दबाने का आरोप लगाया है, जबकि पाकिस्तान में खुद शिया और अहमदिया मुसलमानों को धर्म के नाम पर निशाना बनाया जाता रहा है।