क्यूबा में फिर पसरा अंधेरा, एक हफ्ते में दूसरी बार पूरा देश ब्लैकआउट; ट्रंप की तेल नाकाबंदी से मचा हाहाकार
Cuba Blackout: क्यूबा में बिजली संकट गहरा गया है। एक हफ्ते के भीतर दूसरे राष्ट्रव्यापी ब्लैकआउट ने पूरे देश को अंधेरे में डुबो दिया है। ट्रंप की तेल नाकाबंदी को इसका मुख्य कारण माना जा रहा है।
- Written By: अमन उपाध्याय
क्यूबा में बिजली संकट गहराया, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
US Sanctions Cuba Blackout News In Hindi: कैरेबियाई देश क्यूबा एक बार फिर पूरी तरह से अंधेरे में डूब गया है। शुक्रवार को देश में एक हफ्ते के भीतर दूसरा राष्ट्रव्यापी ब्लैकआउट दर्ज किया गया, जिससे पूरे द्वीप की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सरकारी बिजली कंपनी ‘यूनियन इलेक्ट्रिक डी क्यूबा’ के अनुसार, यह पावर कट स्थानीय समयानुसार शाम 4:30 बजे शुरू हुआ। यह इस साल का चौथा बड़ा ब्लैकआउट है, जिसने देश की चरमराती अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे की पोल खोल दी है।
ट्रंप की ‘तेल नाकाबंदी’ से बढ़ी परेशानी
क्यूबा का बिजली ग्रिड काफी पुराना हो चुका है, जिसका अधिकांश हिस्सा शीत युद्ध (1960-1980) के दौरान निर्मित किया गया था। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार समस्या तकनीकी से अधिक राजनीतिक और रणनीतिक है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा क्यूबा पर लगाई गई ‘वास्तविक तेल नाकाबंदी’ ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है। जनवरी में अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद से, ट्रंप प्रशासन ने क्यूबा को होने वाली विदेशी तेल की आपूर्ति को प्रभावी ढंग से काट दिया है।
वेनेजुएला से तेल आपूर्ति पर लगा प्रतिबंध
इस संकट की जड़ें जनवरी की शुरुआत में हुई सैन्य कार्रवाई से जुड़ी हैं। 3 जनवरी को ट्रंप ने वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ एक ऑपरेशन को मंजूरी दी थी, जिसके बाद मादुरो को न्यूयॉर्क ले जाया गया। इसके तुरंत बाद, ट्रंप ने घोषणा की कि वेनेजुएला अब क्यूबा को तेल या पैसा नहीं भेजेगा।
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29 जनवरी को एक कार्यकारी आदेश के जरिए ट्रंप ने क्यूबा को अमेरिका के लिए ‘असामान्य और असाधारण खतरा’ घोषित कर दिया और क्यूबा को ईंधन आपूर्ति करने वाले किसी भी देश पर भारी शुल्क लगाने की चेतावनी दी। वर्तमान में क्यूबा अपनी जरूरत का केवल 40 प्रतिशत तेल ही उत्पादित कर पाता है, बाकी के लिए वह आयात पर निर्भर है।
🇨🇺 Cuba se hunde en la oscuridad La isla sufrió su segundo apagón nacional en una semana Millones de personas enfrentan una crisis energética cada vez más profunda, reflejo del colapso que vive la dictadura cubana 📹 @NewsArenaIndia pic.twitter.com/O3G4UuJxjW — Manuel Lopez San Martin (@MLopezSanMartin) July 11, 2026
चरमराती स्वास्थ्य सेवाएं
तेल की इस कमी का सीधा असर क्यूबा के आम नागरिकों और उनकी मूलभूत सेवाओं पर पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने चेतावनी दी है कि ईंधन की कमी के कारण परिवहन और स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो रही हैं। आंकड़ों के अनुसार, हाल के महीनों में क्यूबा में शिशु मृत्यु दर लगभग दोगुनी हो गई है।
डॉक्टरों के पास आवश्यक चिकित्सा सामग्री और दवाओं की भारी कमी है, जिससे बच्चों की जान जा रही है। हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि अमेरिका ने कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की है और इस विफलता के लिए क्यूबा सरकार का कुप्रबंधन जिम्मेदार है।
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चीन दे रहा क्यूबा का साथ
ईंधन संकट से निपटने के लिए क्यूबा अब जीवाश्म ईंधन से हटकर सौर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इस दिशा में अमेरिका के आर्थिक प्रतिद्वंद्वी, चीन से आयातित सौर तकनीक क्यूबा की बड़ी मदद कर रही है। वर्तमान में क्यूबा की कुल ऊर्जा खपत में नवीकरणीय ऊर्जा का हिस्सा केवल 18 प्रतिशत है, जिसे सरकार 2030 तक बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। लेकिन वर्तमान संकट को देखते हुए यह लक्ष्य अभी काफी दूर नजर आता है।
