कांगो में नई सरकार का एलान: अनातोले कोलिनेट माकोसो फिर बने प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति ने की घोषणा
Congo New Government: कांगो गणराज्य के राष्ट्रपति डेनिस सासो न्गुएसो ने अनातोले कोलिनेट माकोसो को दोबारा प्रधानमंत्री नियुक्त करते हुए नई सरकार का गठन किया है। इस कैबिनेट में 37 मंत्री शामिल हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
अनातोले कोलिनेट माकोसो, फोटो (सो, सोशल मीडिया)
Congo New Government Anatole Collinet Makosso: अफ्रीकी देश कांगो गणराज्य में एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के तहत नई सरकार का आधिकारिक गठन हो गया है। राष्ट्रपति डेनिस सासो न्गुएसो ने नेशनल टेलीविजन पर एक विशेष संबोधन के माध्यम से देश की नई कैबिनेट की घोषणा की। इस नई व्यवस्था में अनातोले कोलिनेट माकोसो को एक बार फिर से प्रधानमंत्री की कमान सौंपी गई है। राष्ट्रपति न्गुएसो ने माकोसो पर पुन: विश्वास जताते हुए उन्हें देश को आगे ले जाने की जिम्मेदारी दी है।
कैबिनेट का विस्तार और प्रमुख नियुक्तियां
नई सरकार का स्वरूप काफी व्यापक रखा गया है। प्रधानमंत्री माकोसो के नेतृत्व वाली इस टीम में एक डिप्टी प्रधानमंत्री, तीन राज्य मंत्री और 37 मंत्रियों को जगह दी गई है। सरकार में अनुभव और निरंतरता को महत्व देते हुए कई पूर्व मंत्रियों को नई भूमिकाएं सौंपी गई हैं। इनमें से क्षेत्रीय योजना और बड़े कार्यों के पूर्व राज्य मंत्री जीन-जैक्स बौया को प्रमोट करते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और टेरिटोरियल प्लानिंग का इंचार्ज उप प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है।
वहीं, पियरे ओबा को राष्ट्रपति कार्यालय में राजनीतिक मामलों का प्रभारी राज्य मंत्री बनाया गया है। क्लाउड अल्फोंस न्सिलौ को कंस्ट्रक्शन, अर्बन प्लानिंग और हाउसिंग की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि पियरे माबियाला को सिविल सेवा, श्रम और सामाजिक संवाद विभाग का राज्य मंत्री नियुक्त किया गया है।
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चुनाव और संवैधानिक प्रक्रिया
इस नई सरकार का गठन कांगो में हुए हालिया राष्ट्रपति चुनावों के बाद हुआ है। कांगो के संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद एक नया प्रधानमंत्री नियुक्त करना और नई सरकार का गठन करना अनिवार्य होता है। बता दें कि 15 मार्च को हुए राष्ट्रपति चुनाव में डेनिस सासो न्गुएसो ने 94.9 प्रतिशत के भारी बहुमत के साथ शानदार जीत दर्ज की थी। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, इस चुनाव में लगभग 84.65 फीसदी मतदाताओं ने हिस्सा लिया था।
विपक्ष का विरोध
हालांकि, इस राजनीतिक प्रक्रिया के साथ विवाद भी जुड़े रहे हैं। चुनाव के दौरान विपक्ष की दो बड़ी पार्टियों ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसका बहिष्कार किया था और धांधली के गंभीर आरोप लगाए थे। विपक्ष के कद्दावर नेता जनरल जीन-मैरी मिशेल मोकोको और आंद्रे ओकोम्बी सालिसा ने इस पूरी प्रक्रिया का पुरजोर विरोध किया।
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चुनाव के दिन राजधानी ब्राजाविल में ट्रैफिक पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और इंटरनेट सेवाएं भी पूरी तरह बंद कर दी गई थीं, जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा हुई थी। प्रधानमंत्री माकोसो ने नई सरकार के गठन से पहले 17 अप्रैल को अपना इस्तीफा सौंपा था। जिसके बाद 23 अप्रैल को उन्हें आधिकारिक तौर पर दोबारा नियुक्त किया गया। अब उनके सामने न्गुएसो के विजन को धरातल पर उतारने की बड़ी चुनौती होगी।
