एशिया में युद्ध की आहट! ताइवान सीमा में घुसे ड्रैगन के दर्जनों लड़ाकू विमान और युद्धपोत, मचा हड़कंप

China ने ताइवान के पास आक्रामक सैन्य अभ्यास किया है। ताइवान का कहना है कि इस दौरान चीन के करीब 130 सैन्य विमान क्षेत्र में सक्रिय रहे, जिनमें से 90 लड़ाकू विमानों ने मध्य रेखा का उल्लंघन किया है।
The specter of war looms in Asia! Dozens of Chinese fighter jets and warships have entered Taiwanese territory, causing widespread alarm.
ताइवान सीमा में घुसे ड्रैगन के दर्जनों लड़ाकू विमान, सांकेतिक फोटो (सो. एआई डिजाइन)
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China-Taiwan Latest News In Hindi: मंगलवार, 30 दिसंबर 2025 को चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने ताइवान के निकट अपनी आक्रामक 'ब्लॉकेड ड्रिल' को दूसरे दिन भी जारी रखा। इस युद्धाभ्यास को चीन ने 'जस्टिस मिशन 2025' का नाम दिया है। चीन के इस कदम का मुख्य उद्देश्य स्व-शासित द्वीप ताइवान को किसी भी बाहरी सशस्त्र समर्थन से रोकने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन करना है।

पीएलए के ईस्टर्न थिएटर कमांड ने ताइवान के उत्तर और दक्षिण में विध्वंसक जहाज, फ्रिगेट, लड़ाकू विमान और बमवर्षक तैनात किए हैं ताकि समुद्र-वायु समन्वय और पूर्ण नाकाबंदी की क्षमता का परीक्षण किया जा सके।

सीमा उल्लंघन और ताइवान की प्रतिक्रिया

ताइवान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सोमवार सुबह से मंगलवार सुबह के बीच द्वीप के आसपास कुल 130 विमान, 14 सैन्य जहाज और 8 अन्य आधिकारिक जहाज देखे गए। इनमें से कम से कम 90 चीनी लड़ाकू विमानों ने ताइवान स्ट्रेट की मध्य रेखा (Median Line) को पार किया और ताइवान के 'वायु रक्षा पहचान क्षेत्र' में प्रवेश कर संप्रभुता का उल्लंघन किया। इसके अतिरिक्त, ताइवान के हवाई क्षेत्र में एक चीनी गुब्बारा भी डिटेक्ट किया गया है। जवाब में, ताइवान ने भी अपनी नौसेना के जहाज, विमान और तटीय मिसाइल सिस्टम को अलर्ट पर रखते हुए तैनात कर दिया है।

लाइव-फायर अभ्यास और नागरिक उड़ानों पर संकट

इस युद्धाभ्यास के दौरान चीन ने द्वीप के उत्तरी जल क्षेत्रों में लंबी दूरी के लाइव-फायर अभ्यास किए। पीएलए के प्रवक्ता ली शी के अनुसार, इन सैन्य अभ्यासों से तय किए गए लक्ष्य पूरे हो गए हैं। हालांकि, इस सैन्य गतिविधि का असर अब आम जनजीवन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ने लगा है। ताइवान की सिविल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन को सूचित किया गया है कि स्ट्रेट के आसपास सात अस्थायी 'खतरनाक क्षेत्र' स्थापित किए गए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय और घरेलू हवाई यात्रियों की उड़ानों में लेट होने या रद्द होने की आशंका बढ़ गई है।

चीन की मंशा और वैश्विक चेतावनी

विशेषज्ञ इस ब्लॉकेड ड्रिल को भविष्य में ताइवान पर संभावित कब्जे की तैयारी के रूप में देख रहे हैं। चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने स्पष्ट किया है कि बीजिंग, ताइवान को अलग करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगा और हर उत्तेजना का जवाब मजबूत तरीके से दिया जाएगा।

ताइवान के रक्षा मंत्री वेलिंगटन कू ने चीन की इन कार्रवाइयों को अत्यधिक उत्तेजक बताते हुए कहा कि यह क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करता है और व्यापारिक मार्गों के लिए सुरक्षा खतरा पैदा करता है। चीन का आरोप है कि ताइवान की वर्तमान सत्ता (DPP) अमेरिका के साथ मिलकर अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है, जिसका वह विरोध करता है

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