दुनिया को नही लगी भनक…चीन ने ताइवान को कब्जाने के लिए तैयारी की ‘सीक्रेट नेवी’, खुलासे से हड़कंप
China Taiwan Tensions: चीन नागरिक जहाजों को सैन्य हमलों में इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है। अभ्यास और सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला कि ये जहाज ताइवान पर जल्दी सेना उतार सकते हैं।
- Written By: अक्षय साहू
चीन ने तैयारी की सीक्रेट नेवी (सोर्स- सोशल मीडिया)
China Secret Navy For Capture Taiwan: ताइवान का मुद्दा चीन के लिए हमेशा से बहुत संवेदनशील रहा है। इसे लेकर अब एक नई रिपोर्ट सामने आई है जिसने दुनिया भर के सैन्य विशेषज्ञों को परेशानी में डाल दिया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन अपने व्यापारिक और नागरिक जहाजों को इस तरह तैयार कर रहा है कि भविष्य में जरूरत पड़ने पर इन्हें ताइवान पर हमले के दौरान सैनिकों और वाहनों को उतारने के लिए इस्तेमाल किया जा सके।
इस साल चीन के तट पर हुए एक बड़े सैन्य अभ्यास में ऐसे नागरिक जहाजों की गतिविधियों को ट्रैक किया गया। सैटेलाइट तस्वीरों और जहाज ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि चीन ने इन जहाजों को सैन्य अभ्यास का हिस्सा बनाया। अगस्त 2025 के इस अभ्यास में 12 नागरिक जहाज शामिल थे। इनमें से छह रोल-ऑन, रोल-ऑफ फेरियां थीं, जिन पर गाड़ियां और सैन्य वाहन सीधे रैंप के जरिए चढ़-उतर सकते हैं। बाकी छह कार्गो जहाज थे जो आम तौर पर भारी सामान ढोने के काम आते हैं।
सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा
ये जहाज रात में दक्षिण चीन के ग्वांगडोंग प्रांत के पास एक बीच तक पहुंचे, जहां चीन की सेना के ठिकाने हैं। सैटेलाइट तस्वीरों में देखा गया कि जहाज अपने रैंप खोलकर सैन्य वाहनों को सीधे तट पर उतार रहे थे। रॉयटर्स की तस्वीरों के बाद कई नौसैनिक विशेषज्ञों ने माना कि चीन अब नागरिक जहाजों को सैन्य इस्तेमाल के लिए तैयार कर रहा है। इसका फायदा यह है कि ये जहाज बड़ी संख्या में हैं, सस्ते हैं और इन्हें विशेष बंदरगाह की आवश्यकता नहीं होती।
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विशेषज्ञों का कहना है कि अगर चीन ताइवान पर हमला करता है, तो इन जहाजों की मदद से वह अपने सैनिकों और हथियारों को ताइवान के समुद्र तट पर बहुत तेजी से उतार सकता है। उनका मानना है कि यह ऑपरेशन द्वितीय विश्व युद्ध की नॉर्मंडी लैंडिंग से भी बड़ा और जटिल हो सकता है। अभ्यास में छोटे वाहनों की लंबी लाइनें और अस्थायी पियर्स सिस्टम भी देखा गया, जो पहले असफल रहा था। इससे संकेत मिलता है कि चीन लगातार अपनी तकनीक और तटीय उतराई की क्षमता को बेहतर बना रहा है।
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ताइवान को धमकी देता रहता है चीन
इस अभ्यास के कुछ ही दिनों बाद बीजिंग में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सेना की एक बड़ी परेड की। उन्होंने भले ही ताइवान का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी सरकार बार-बार कहती रही है कि ताइवान चीन का ही हिस्सा है। ताइवान सरकार इसे खारिज करती है और कहती है कि उसके भविष्य का फैसला उसके लोग ही करेंगे। ताइवान के रक्षा मंत्री ने कहा है कि वे चीन की हर सैन्य गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
