शेनझोउ-19 लॉन्ज (सौ. एक्स)
China Space Mission: चीन ने अंतरिक्ष में बड़ी छलांग लगाते हुए मानवयुक्त स्पेस मिशन शेनझोउ-19 लॉन्च किया है। जिसके तहत तीन अंतरिक्ष यात्रियों को छह महीने के लिए स्पेस स्टेशन भेजा गया है। चीन के लिए यह मिशन कई मायनों में ऐतिहासिक बताया जा रहा है क्योंकि इस मिशन में चीन की पहली महिला स्पेस इंजीनियर ने भी उड़ान भरी है। यह मिशन बुधवार यानी 30 अक्तूबर को लॉन्च किया गया है। बताया जा रहा है कि इस मिशन का मकसद साल 2030 तक चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को भेजना और वहां पर आधार का निर्माण करना है।
Congratulations to the successful launch of #Shenzhou19 crewed spaceship🚀 and wish the 3 astronauts all the best! #SpaceChina pic.twitter.com/v26V0pAExK — CAI Run 蔡润 (@AmbCaiRun) October 29, 2024
चीन मानवयुक्त अंतरिक्ष एजेंसी ने यह बताया कि उत्तर पश्चिमी चीन के जिउक्वान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से सुबह करीब 4:27 बजे इस मिशन ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी। इसके 10 मिनट बाद शेनझोउ-19 अंतरिक्ष यान रॉकेट से अलग हो जाता है और अपने निर्धारित ऑर्बिट में दाखिल हो जाता है। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि सभी एस्ट्रोनॉट्स बिल्कुल सही और सुरक्षित हैं और मिशन सफलता रहा।
स्पेस मिशन शेनझोउ-19 में चालक दल के मिशन कमांडर काई जुजे, एस्ट्रोनॉट्स सोंग लिंगडोंग और वांग हाओजे शामिल हैं। बता दें कि वांग हाओजे चीन की एक मात्र महिला इंजीनियर हैं जिन्होंने अंतरिक्ष में उड़ान भरी है। इसके अलावा विंग कमांडर काई जुजे साल 2022 में भी अंतरिक्ष का अनुभव कर चुके हैं। वह शेनझोउ-14 के मिशन का हिस्सा थे। वहीं, सोंग और वांग अंतरिक्ष में पहली बार कदम रखेंगे।
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चीन के इस मानवयुक्त स्पेस मिशन शेनझोउ-19 अंतरिक्ष यात्री अगले साल अप्रैल या मई के शुरुआत में वापस लौट सकते हैं। इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष में एस्ट्रोनॉट्स के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं। इस मिशन के दौरान उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान, एप्लीकेशन टेस्टिंग, अतिरिक्त वाहन पेलोड और उपकरणों की स्थापना करनी होगी।
सीएमएसए के प्रवक्ता लिन जिकियांग ने अपने बयान में कहा था कि वे 86 अंतरिक्ष विज्ञान अनुसंधान और प्रौद्योगिकी प्रयोग करेंगे, इसके अंतर्गत अंतरिक्ष जीवन विज्ञान, माइक्रोग्रैविटी मौलिक फिजिक्स, अंतरिक्ष सामग्री विज्ञान, स्पेस मेडिसिन और नई प्रौद्योगिकियों सहित कई क्षेत्रों को एक्सप्लोर करेंगे।