परमाणु हथियारों पर ‘सीक्रेट मीटिंग’ कर रहे अमेरिका, रूस और चीन, क्या भारत को भी मिलेगा न्योता
New Nuclear Weapons Treaty Talk: अमेरिका जेनेवा में रूस और चीन के साथ न्यू स्टार्ट समझौते के बाद परमाणु हथियारों पर चर्चा कर रहा है, जबकि चीन इसमें शामिल होने से इनकार कर रहा है।
- Written By: अक्षय साहू
नई परमाणु हथियार संधि पर रूस-अमेरिका के बीच वार्ता (सोर्स- सोशल मीडिया)
America, Russia-China Nuclear Peace Talks: अमेरिका जेनेवा में रूस और चीन के प्रतिनिधियों के साथ परमाणु हथियारों पर चर्चा कर रहा है। फ्रांस प्रेस एजेंसी (AFP) के अनुसार, सोमवार, 23 फरवरी को एक अमेरिकी अधिकारी ने यह जानकारी दी। यह बैठक New START समझौते के समाप्त होने के बाद हो रही है, जो अमेरिका और रूस के बीच परमाणु हथियारों की तैनाती को सीमित करता था।
अमेरिकी विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सोमवार को उन्होंने रूसी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और 24 फरवरी को चीनी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात होगी। अधिकारी ने बताया कि न्यू स्टार्ट समझौता इस महीने की शुरुआत में समाप्त हो गया था। इसके बाद वॉशिंगटन में रूस और चीन के साथ प्रारंभिक बैठकें हुई थीं, जबकि जेनेवा की बैठकें अधिक गंभीर और विस्तारपूर्ण हैं। अमेरिका ने हाल ही में यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस के साथ भी कई दौर की बातचीत की है।
क्या था न्यू स्टार्ट समझौता?
न्यू स्टार्ट अमेरिका और रूस के बीच बचे हुए आखिरी समझौता था, जो परमाणु हथियारों की संख्या को सीमित करता था। यह समझौता 5 फरवरी को समाप्त हो गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक नए समझौते की मांग कर रहे हैं, जिसमें चीन को भी शामिल किया जाए। चीन के पास अभी अमेरिका और रूस की तुलना में कम परमाणु हथियार हैं, लेकिन उनकी संख्या तेजी से बढ़ रही है। चीन ने सार्वजनिक रूप से तीन देशों के नए समझौते में शामिल होने से इनकार किया है।
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अमेरिकी अधिकारी क्रिस्टोफर यी ने कहा कि न्यू स्टार्ट समझौते में कई कमियां थीं और इसमें चीन के तेजी से बढ़ते परमाणु हथियारों का सही आंकलन नहीं था। वहीं, चीन के राजदूत शेन जियान ने कहा कि बीजिंग किसी भी देश के साथ परमाणु हथियारों की दौड़ में शामिल नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि चीन के हथियार उन देशों के मुकाबले बहुत कम हैं जिनके पास सबसे ज्यादा हथियार हैं, इसलिए चीन को तीन देशों की बातचीत में शामिल करने की उम्मीद करना व्यावहारिक नहीं है।
हथियार नियंत्रण वार्ता को बढ़ावा
अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ट्रंप बहुपक्षीय बातचीत और हथियार नियंत्रण वार्ता को बढ़ावा दे रहे हैं ताकि भविष्य में बेहतर समझौता हो सके। अगले कदम के रूप में यह मुद्दा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों (P5) अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस के सामने लाया जा सकता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बातचीत का तरीका तय नहीं है; यह दो देशों के बीच, कई देशों के बीच, या कुछ देशों के समूह में हो सकती है। अमेरिका किसी एक तरीके तक सीमित नहीं रहेगा और हर संभव प्रयास करेगा ताकि दुनिया में परमाणु हथियारों की संख्या कम हो।
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किन-किन देशों के पास है परमाणु हथियार
वर्तमान में दुनिया में कुल 9 देशों के पास परमाणु हथियार हैं:
- रूस
- अमेरिका
- चीन
- फ्रांस
- यूनाइटेड किंगडम
- भारत
- पाकिस्तान
- इजराइल (अधिकारिक रूप से कभी स्वीकार नहीं किया)
- नॉर्थ कोरिया
Frequently Asked Questions
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Que: न्यू स्टार्ट समझौता क्या है?
Ans: न्यू स्टार्ट अमेरिका और रूस के बीच आखिरी परमाणु हथियार नियंत्रण समझौता था, जो उनकी तैनाती सीमित करता था। यह 5 फरवरी 2026 को समाप्त हो गया।
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Que: न्यू स्टार्ट समझौते में चीन क्यों नहीं शामिल हो रहा?
Ans: चीन का कहना है कि उसके परमाणु हथियार अमेरिका और रूस की तुलना में कम हैं और वह किसी परमाणु दौड़ में शामिल नहीं होगा।
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Que: अमेरिका की अगली रणनीति क्या है?
Ans: अमेरिका बहुपक्षीय वार्ता और हथियार नियंत्रण को बढ़ावा दे रहा है, ताकि P5 देशों (अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन, फ्रांस) के साथ बेहतर समझौता संभव हो।
