

China Economic Recovery: नवंबर में चीन में इंडस्ट्रियल कंपनियों का मुनाफा लगातार दूसरे महीने घटा है। इससे चिंता बढ़ गई है कि कमजोर घरेलू डिमांड और लंबे समय से महंगाई में जारी गिरावट (Deflation) कंपनियों की आय और चीन की आर्थिक रिकवरी पर असर पर डाल रही। चीन के नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स (NBS) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार नवंबर में इंडस्ट्रियल मुनाफा सालाना आधार पर 13.1% घट गया है।
अक्टूबर में यह गिरावट 5.5% रही थी। ऐसे ही नवंबर की गिरावट न सिर्फ ज्यादा तेज रही, बल्कि अनुमान से अधिक रही। ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स ने नवंबर में लगभग 15% की गिरावट का अनुमान लगाया था।
जनवरी से नवंबर के बीच इंडस्ट्रियल मुनाफा महज 0.1% बढ़ पाया। जनवरी-अक्टूबर अवधि में इसमें 1.9% की बढ़त दर्ज हुई थी। इससे स्पष्ट है कि साल के आखिरी महीनों में इंडस्ट्रियल गतिविधियों की गति कमजोर पड़ी। अर्थशास्त्रियों के मुताबिक घरेलू उपभोग में नरमी, निवेश में गिरावट और फैक्ट्री गेट स्तर पर कीमतों में लगातार गिरावट (Deflation) मुनाफे पर सबसे बड़ा दबाव डाल रही। वैसे, एक्सपोर्ट में कुछ हद तक मजबूती बनी है।
पहले 11 महीनों में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का मुनाफा 5% बढ़ा है। इसे एयरोस्पेस और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे एडवांस्ड इंडस्ट्री से सहारा मिला। यूटिलिटी सेक्टर भी ग्रोथ के दायरे में बना रहा। इसके विपरीत माइनिंग कंपनियों का प्रदर्शन कमजोर रहा और इस सेक्टर में दो अंकों की गिरावट जारी रही। खासकर कोयला से जुड़े सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित दिखे।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि नवंबर में आई तेज गिरावट आगे चलकर निवेश और हायरिंग के फैसलों को और कमजोर कर सकती है। इसके बावजूद चीनी नीति-निर्माताओं ने अब तक किसी बड़े नए प्रोत्साहन पैकेज का ऐलान नहीं किया है। माना जा रहा कि बीजिंग सरकार को भरोसा है कि देश इस साल 5% के वार्षिक विकास लक्ष्य को हासिल कर लेगा।
चीन की अर्थव्यवस्था 19.39 ट्रिलियन डॉलर की है। यह अमेरिका के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। अगर, परचेजिंग पावर पैरिटी (PPP) की बात करें तो चीन 41.01 ट्रिलियन डॉलर के साथ दुनिया में पहले नंबर पर आता है।