

Operation Sindoor Experts Analysis: पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था, जिसकी आज पहली सालगिरह है। इस मौके पर दुनिया के रक्षा जानकारों ने भारत की सैन्य शक्ति की तारीफ की है।
अब तक पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी 'झूठी जीत' का दिखावा करता रहा है लेकिन इन विदेशी विशेषज्ञों की नई रिपोर्ट ने सच सामने ला दिया है। ऑस्ट्रिया और अमेरिका के जानकारों का मानना है कि इस लड़ाई में भारत न केवल सैन्य तौर पर जीता बल्कि उसने एक ताकतवर रणनीतिक संदेश भी दिया।
यूएस स्थित अर्बन वॉरफेयर इंस्टीट्यूट के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर जॉन स्पेंसर ने अपने हालिया लेख में खुलासा किया है कि 7 मई से 10 मई 2025 तक चले इस हवाई अभियान में पाकिस्तान ने केवल झूठ का सहारा लिया। स्पेंसर के अनुसार, भारतीय वायुसेना ने एक विशेष रणनीति के तहत पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को धीरे-धीरे कमजोर किया। जिससे उनकी जवाब देने की क्षमता खत्म हो गई। उन्होंने आगे बताया कि शुरुआती दौर में पश्चिमी मीडिया ने पाकिस्तान के पक्ष में खबरें दिखाईं लेकिन हकीकत में पाकिस्तानी वायुसेना ताश के पत्तों की तरह ढह गई थी और भारतीय विमानों ने उसे अंदर तक छलनी कर दिया था।
वहीं, ऑस्ट्रियाई इतिहासकार और युद्ध विशेषज्ञ टॉम कूपर ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की बड़ी सैन्य जीत बताया है। कूपर ने एक इंटरव्यू में कहा कि भारत ने पाकिस्तान और पीओके के उन आतंकी ठिकानों को भी निशाना बनाया जिन्हें पहले भारत की पहुंच से बाहर माना जाता था। कूपर ने यह भी खुलासा किया कि पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई पूरी तरह विफल रही क्योंकि भारत की वायु रक्षा प्रणालियों ने पाकिस्तान के 95-98 प्रतिशत रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन हमलों को हवा में ही खत्म कर दिया था।
जानकारों ने साफ किया कि पाकिस्तान में सेना को अपनी ताकत बनाए रखने के लिए सरकार और जनता के सामने जीत की झूठी कहानी पेश करनी पड़ती है। कूपर के मुताबिक, पाकिस्तान ने अपनी शक्ति दिखाने के लिए चीन के J-10 लड़ाकू विमानों और PL-15 मिसाइलों का इस्तेमाल तो किया लेकिन वो इसमें भी फेल रहे। इतनी ताकत के बावजूद भी उनकी मुश्किलों का हल नहीं निकल पाया। भारी आर्थिक तंगी और बाहरी मदद न मिलने की वजह से पाकिस्तान अब लंबे समय तक ऐसे हथियार खरीदने और सैन्य लड़ाई जारी रखने की हालत में नहीं है।