चीन की खौफनाक साजिश! लैब में तैयार हो रहे अजेय ‘सुपर सोल्जर’, जिन पर बम-रेडिएशन भी बेअसर?
Pentagon Report China: चीन पर आरोप है कि वह गुप्त प्रयोगशालाओं में जेनेटिक तकनीक से सुपर सोल्जर विकसित कर रहा है। पेंटागन रिपोर्ट ने इसे भविष्य की सबसे खतरनाक सैन्य रणनीति बताया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
चीन की खौफनाक साजिश, फोटो (सो. एआई डिजाइन)
Xi Jinping Military Plan News In Hindi: चीन युद्ध की परिभाषा बदलने की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है। सुरक्षा और खुफिया मामलों के जानकारों का दावा है कि चीन दर्जनों गुप्त प्रयोगशालाओं में जेनेटिक तकनीक की मदद से ‘सुपर सोल्जर’ तैयार करने की कोशिश कर रहा है। ये ऐसे सैनिक हो सकते हैं जो शारीरिक, मानसिक और रणनीतिक क्षमता में आम इंसानों से कहीं आगे हों।
यह दावा ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन की रिपोर्ट में भी चेतावनी दी गई थी कि चीन बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से बढ़त बना रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन का लक्ष्य वर्ष 2049 तक अपनी सेना को दुनिया की सबसे शक्तिशाली सैन्य ताकत बनाना है जिसमें जैव-प्रौद्योगिकी की अहम भूमिका होगी।
रेडिएशन के प्रभाव को झेलने में सक्षम
विशेषज्ञों के मुताबिक, सुपर सोल्जर के डीएनए में ऐसे बदलाव किए जा सकते हैं जिससे वे अत्यधिक गर्म रेगिस्तान, कड़ाके की ठंड, बर्फीले समुद्री इलाकों और यहां तक कि रेडिएशन वाले क्षेत्रों में भी लंबे समय तक लड़ सकें। आशंका जताई जा रही है कि भविष्य में चीन ऐसे सैनिक विकसित कर सकता है जो परमाणु हमले के बाद भी रेडिएशन के प्रभाव को झेलने में सक्षम हों।
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कैसे बनाए जा रहे हैं ये ‘इंसानी हथियार’?
सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, सुपर सोल्जर विकसित करने के तीन प्रमुख तरीके हो सकते हैं-
- ब्रेन मशीन इंटरफेस: दिमाग को मशीन या चिप से जोड़कर निर्णय लेने और प्रतिक्रिया की क्षमता बढ़ाना।
- जैविक ड्रग्स: ऐसे रसायन जो अस्थायी रूप से ताकत, फोकस और सहनशक्ति बढ़ा सकें।
- सीधा जेनेटिक बदलाव: सबसे खतरनाक तरीका, जिसमें इंसानी डीएनए में स्थायी बदलाव कर उन्हें अधिक ताकतवर और तेज़ बनाया जाए।
इन सैनिकों को न केवल युद्धभूमि में बल्कि खुफिया मिशन और सैन्य रणनीति तैयार करने जैसे कामों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
चीन पर डेटा जासूसी और नैतिक विवाद
यह पहली बार नहीं है जब चीन पर जेनेटिक प्रयोगों को लेकर सवाल उठे हों। कुछ साल पहले जेनेटिक रूप से बदले गए बच्चों के जन्म के मामले में एक चीनी वैज्ञानिक को जेल भेजा गया था।
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पूर्व अमेरिकी खुफिया अधिकारियों का दावा है कि चीन की कुछ बायोटेक कंपनियों ने बड़े पैमाने पर आम नागरिकों का जेनेटिक डेटा इकट्ठा किया जिसे भविष्य में सैन्य या मानव सुधार प्रयोगों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, चीन और संबंधित कंपनियां ऐसे किसी सैन्य उद्देश्य से इनकार करती रही हैं। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यदि जेनेटिक सुपर सोल्जर हकीकत बनते हैं, तो भविष्य का युद्ध ड्रोन और मिसाइलों से कहीं ज्यादा भयावह हो सकता है।
