कनाडा पीएम मार्क कार्नी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (सोर्स-सोशल मीडिया)
PM Mark Carney Responds on Trump 100% Tariff: अमेरिका और कनाडा के बीच कूटनीतिक और आर्थिक तनाव एक नए स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि यदि कनाडा ने चीन के साथ अपने व्यापारिक समझौतों को आगे बढ़ाया, तो अमेरिका वहां से आने वाले सभी उत्पादों पर 100 प्रतिशत टैरिफ (टैक्स) लगा देगा। इस गंभीर चुनौती का सामना करने के लिए कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने देशवासियों से स्थानीय उद्योगों को मजबूत करने और विदेशी दबाव से बचने की अपील की है। यह विवाद ऐसे समय में गहराया है जब कनाडा अपनी अर्थव्यवस्था को अमेरिका पर निर्भरता से मुक्त कर अन्य वैश्विक शक्तियों की ओर मोड़ने का प्रयास कर रहा है।
विवाद की मुख्य जड़ प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का हालिया बीजिंग दौरा है। इस दौरे के दौरान कनाडा और चीन के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ, जिसके तहत कनाडा ने चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) पर टैक्स कम किया और बदले में चीन ने कनाडा के कृषि उत्पादों पर जवाबी टैक्स घटाने पर सहमति जताई। ट्रंप ने इस समझौते पर कड़ी आपत्ति जताते हुए ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि वे कनाडा को चीन के सामान के लिए अमेरिका का रास्ता (बैकडोर) नहीं बनने देंगे।
ट्रंप का मानना है कि चीन के साथ सौदा कनाडा के कारोबार और जीवनशैली को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर यह समझौता रद्द नहीं किया गया, तो अमेरिका कनाडा के सभी उत्पादों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगा देगा। गौरतलब है कि ट्रंप और कार्नी के रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण रहे हैं, खासकर जब से ट्रंप ने कनाडा को ‘अमेरिका का 51वां राज्य’ बनाने या ग्रीनलैंड से जुड़े विवादित बयान दिए हैं।
ट्रंप की धमकी के जवाब में प्रधानमंत्री कार्नी ने दिसंबर 2025 में शुरू की गई ‘बाई कैनेडियन’ (Buy Canadian) नीति को तेजी से आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। उन्होंने देशवासियों से अपील की है कि वे अपना पैसा केवल कनाडाई कंपनियों और कामगारों पर खर्च करें। इस नीति का मुख्य उद्देश्य कनाडा की अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना और अमेरिकी आर्थिक दबाव के प्रति लचीलापन पैदा करना है।
कनाडा अब अपनी व्यापारिक निर्भरता को अमेरिका से हटाकर अन्य देशों की ओर ले जाने का लक्ष्य बना रहा है। सरकार ने 2030 तक चीन को किए जाने वाले निर्यात में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा, रणनीतिक विविधीकरण के तहत प्रधानमंत्री कार्नी के जल्द ही भारत का दौरा करने की भी खबरें हैं, ताकि नए बाजारों की तलाश की जा सके।
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व्यापार के अलावा, सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी दोनों देशों में ठनी हुई है। तनाव तब और बढ़ गया जब कनाडा ने ग्रीनलैंड में मिसाइल डिफेंस सिस्टम लगाने की ट्रंप की योजना का कड़ा विरोध किया। इन सभी कारकों ने मिलकर उत्तरी अमेरिका के इन दो पड़ोसियों के बीच एक बड़ी कूटनीतिक खाई पैदा कर दी है।