
कनाडा में वित्त मंत्री के जूतों से तय होता है नया बजट (सोर्स-सोशल मीडिया)
Unique Budget Shoes Tradition: दुनियाभर में बजट पेश करने के लिए कई तरह की अलग और रोचक रस्में निभाई जाती हैं। जैसे भारत में बजट पेश करने से पहले हलवा सेरेमनी का प्रावधान है ठीक उसी तरह कनाडा में बजट के दिन सबकी नजरें वित्त मंत्री के पैरों पर पहने हुए जूतों पर होती हैं। यह यूनिक बजट जूते की प्रक्रिया वहां की सरकार की आर्थिक सोच और भविष्य का प्रतीक है। दशकों से चली आ रही इस रस्म को आज भी वहां की राजनीति में बहुत महत्व दिया जाता है।
कनाडा में बजट पेश करने से पहले वहां के वित्त मंत्री के लिए नए जूते खरीदना अनिवार्य माना जाता है। यह एक अलिखित नियम है जिसके तहत मंत्री बजट भाषण से पहले किसी स्थानीय दुकान पर जाते हैं। वहां वे एक नई जोड़ी जूते चुनते हैं और मीडिया के सामने अपनी तस्वीरें भी खिंचवाते हैं।
कहा जाता है कि जूतों से जुड़ी इस अनोखी परंपरा की शुरुआत साल 1954 में हुई थी। तब के वित्त मंत्री वॉल्टर हैरिस बजट के दिन नए जूते पहनकर आए और इसकी खूब चर्चा हुई। बाद में साल 1966 में मिचेल शार्प ने इस रिवाज को एक पक्की और पुरानी परंपरा मान लिया।
कनाडा की जनता वित्त मंत्री के जूतों को देखकर ही बजट की प्रकृति का अंदाजा लगा लेती है। अगर मंत्री महंगे और चमकदार लेदर के जूते पहनते हैं तो माना जाता है कि बजट व्यापारिक होगा। ऐसी स्थिति में बड़े व्यवसायों और कंपनियों को सरकार की ओर से बड़े फायदों की उम्मीद रहती है।
जब वित्त मंत्री सेल से खरीदे हुए या बहुत साधारण जूते पहनते हैं तो संदेश अलग होता है। इससे लोग समझ जाते हैं कि सरकार अब खर्चों में भारी कटौती करने वाली योजना बना रही है। यह संकेत देता है कि आने वाला बजट काफी कंजूसी भरा और बचत पर केंद्रित होने वाला है।
अगर वित्त मंत्री बजट पेश करते समय मजदूरों वाले मजबूत बूट्स पहनकर संसद में आते हैं। तो इसका सीधा मतलब होता है कि सरकार का मुख्य ध्यान कंस्ट्रक्शन और लेबर सेक्टर पर है। अक्सर मंत्री स्वदेशी का संदेश देने के लिए कनाडा के ही किसी लोकल ब्रांड के जूते चुनते हैं।
साल 2011 में तत्कालीन वित्त मंत्री जिम फ्लैहर्टी ने एक बहुत ही दिलचस्प और अलग काम किया। उन्होंने नए जूते खरीदने के बजाय अपने पुराने जूतों में ही एक नया सोल लगवाया था। उनका स्पष्ट संदेश था कि सरकार अपनी पुरानी नीतियों को ही और मजबूती से आगे बढ़ाएगी।
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साल 2015 में वित्त मंत्री जो ओलिवर ने ‘न्यू बैलेंस’ ब्रांड के रनिंग शूज पहनकर सबको चौंका दिया। इसके जरिए उन्होंने संकेत दिया कि वे बजट को पूरी तरह संतुलित यानी बैलेंस करने वाले हैं। इसी तरह 1979 में जॉन क्रॉस्बी ने सील की खाल से बने विशेष ‘मुकलुक’ जूते पहने थे।
जैसे हर सिक्के के दो पहलू होते हैं वैसे ही इस बजट शूज परंपरा की काफी आलोचना भी होती है। महंगाई के समय में मंत्री द्वारा नए जूते खरीदना कुछ लोगों को जनता के साथ मजाक लगता है। यही वजह है कि अब मंत्री विरोध से बचने के लिए अक्सर बहुत ही साधारण जूते ही चुनते हैं।
Ans: इस परंपरा की शुरुआत मुख्य रूप से साल 1954 में तत्कालीन वित्त मंत्री वॉल्टर हैरिस द्वारा की गई थी और 1966 में मिचेल शार्प ने इसे स्थाई रूप दे दिया था।
Ans: अगर मंत्री महंगे लेदर के जूते पहनते हैं, तो बजट बड़े बिजनेस के पक्ष में माना जाता है, जबकि सस्ते जूते खर्चों में कटौती या 'कंजूसी' वाले बजट का संकेत देते हैं।
Ans: जिम फ्लैहर्टी ने नए जूते खरीदने के बजाय पुराने जूतों में नया सोल लगवाया ताकि वे यह संदेश दे सकें कि सरकार पुरानी नीतियों को ही और अधिक मजबूती से जारी रखेगी।
Ans: नहीं, यह कोई कानूनी नियम नहीं है बल्कि एक अलिखित परंपरा है जिसे कनाडा के वित्त मंत्री दशकों से एक रस्म की तरह निभाते आ रहे हैं।
Ans: जो ओलिवर ने बजट को पूरी तरह संतुलित (बैलेंस) करने का संदेश देने के लिए प्रतीकात्मक रूप से 'न्यू बैलेंस' ब्रांड के रनिंग शूज पहने थे।






