California Diwali Holiday: कैलिफोर्निया कोर्ट का फैसला! नहीं मिलेगी दिवाली की सरकारी छुट्टी, कानून हुआ निरस्त
California Diwali Holiday: अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में दीवाली छुट्टी को लेकर बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने सरकारी अवकाश वाले कानून को रद्द कर दिया है, जिससे हिंदू समुदाय में भारी निराशा है।
- Written By: प्रिया सिंह
कैलिफोर्निया में दीवाली छुट्टी रद्द (सोर्स- सोशल मीडिया)
Court Strikes Down California Diwali Holiday: अमेरिका के कैलिफोर्निया में हिंदुओं को बड़ा झटका लगा है। वहां अदालत ने हाल ही में ऐतिहासिक कानून को रद्द कर दिया जिसमें दीवाली को छुट्टी घोषित किया गया था। इस फैसले से कैलिफोर्निया में रहने वाले हिंदू समुदाय में भारी निराशा है। यह कानून लाखों लोगों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने के लिए लाया गया था।
कानून लागू होने के एक साल से भी कम समय में कोर्ट ने इसके कुछ महत्वपूर्ण प्रावधानों को अचानक रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद कैलिफोर्निया में दीवाली की छुट्टी पर एक बार फिर कानूनी बहस शुरू हो गई है। हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने अदालत के फैसले की पुष्टि करते हुए इसे विविधता के सम्मान के लिए झटका बताया है। संगठन का कहना है कि वे हिंदू अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी प्रयास जारी रखेंगे।
2025 में पास हुआ यह कानून
अक्टूबर 2025 में कैलिफोर्निया के गवर्नर ने इस विधेयक पर हस्ताक्षर करके इसे एक ऐतिहासिक कानूनी रूप दिया था। अमेरिका में दिवाली की छुट्टी देने वाला कैलिफोर्निया देश का तीसरा राज्य बन गया था। इस फैसले का हिंदू समुदाय के अलावा सिख, जैन और बौद्ध संगठनों ने भी स्वागत किया था। ये सभी समुदाय दिवाली का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हैं।
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फाउंडेशन ने जताई भारी निराशा
हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने कहा कि अदालत का फैसला कानून के मूल उद्देश्य पर सीधे सवाल नहीं उठाता है। बल्कि यह फैसला ऐतिहासिक कानून के कुछ महत्वपूर्ण प्रावधानों को प्रभावित करता है। कानून का मकसद छात्रों और कर्मचारियों को धार्मिक त्योहारों पर पूरी आजादी और सम्मान देना था। ताकि वे विश्वासों का पालन कर सकें और जॉब पर जाने के लिए बाध्य ना हों।
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पहचान को मिला बहुत बड़ा धक्का
फाउंडेशन का कहना है कि यह फैसला सांस्कृतिक पहचान को सम्मान देने वाले प्रयासों के लिए निराशाजनक है। भारतीय समुदाय अपने त्योहारों और संस्कृति को मान्यता दिलाने के लिए कड़ा संघर्ष कर रहा है। कैलिफोर्निया कोर्ट के आदेश से सामाजिक और कानूनी प्रयासों को धक्का लगा है। अब संगठन आगे की कानूनी लड़ाई लड़ने और समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए तैयार है।
