

July Hindu Calendar 2026: जुलाई महीने से शुरु होने वाले व्रत-त्योहार का सबसे मुख्य आकर्षण भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा होगी, जो 16 जुलाई को होने वाली है। इस मौके पर विभिन्न मंदिरों से रथ यात्राएं निकाली जाएंगी।
25 जुलाई को देवशयनी एकादशी का त्योहार मनाया जाएगा, इस दिन के बाद से भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। इस दिन के बाद से सभी प्रकार के मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा और चातुर्मास की शुरुआत होगी।
अगले चार महीनों तक विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे सभी शुभ व मांगलिक कार्यों पर पूरी तरह से विराम लग जाएगा। अंत में 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा यानी व्यास पूर्णिमा के साथ इस पवित्र महीने के प्रमुख त्योहारों का समापन होगा। इसके साथ ही तीन जुलाई की रात से पंचक भी लग रहे हैं, जो पांच दिन यानी आठ जुलाई तक चलने वाला है।
शास्त्रों के अनुसार, आषाढ़ मास की देवशयनी एकादशी यानी 25 जुलाई को जगत के पालनहार भगवान विष्णु चार मास तक के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। क्षीर सागर में भगवान के विश्राम काल में चले जाने के बाद से चातुर्मास प्रारंभ होता है। इसी कारण से इन चार महीनों के दौरान किसी भी प्रकार के शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। इस दौरान साधु-संन्यासी भी यात्राएं बंद कर एक ही स्थान पर रहकर ध्यान, तप, साधना करते हैं और चातुर्मास के नियमों का पालन करते हैं।
ज्योतिषीय शास्त्र के अनुसार, विवाह के लिए सूर्य संक्रांति देखी जाती है। इस वर्ष पुरुषोत्तम मास की वजह से दो ज्येष्ठ माह हुआ। इसके बाद कर्क संक्रांति के बाद भड़ली नवमी पर मुहूर्त नहीं होगा। केवल आषाढ़ कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी 12 जुलाई तक ही विवाह मुहूर्त हैं। बता दें कि 16 जुलाई से 8 अगस्त तक गुरु तारा अस्त रहेगा। जुलाई के महीने में एक, दो, छह, सात, आठ, 11 और 12 तारीख को विवाह के मुहूर्त हैं।
आषाढ़ का महीना भक्ति, साधना, तप और ध्यान के लिए उत्तम माना गया है। चातुर्मास के दौरान संत से लेकर आम जन तक सभी व्रत, सत्संग, कथा श्रवण और सेवा कार्य में संलिप्त रहते है।