पाकिस्तान का बड़ा फैसला, भगवद् गीता, बाइबल को याद करने वाले कैदियों को मिलेगी सजा में छुट
- Written By: दामिनी सिंह
Representative Photo
पाकिस्तान : बाइबल, भगवद् गीता (Bhagavad Gita) और कुरान (Quran) को बहुत ही पवित्र ग्रंथ माना जाता है। पाकिस्तान में जेल के अंदर बंद कैदियों को ये सब पढ़वाने (Read) और याद करवाने के लिए अनोखा प्रस्ताव सामने आया है। जिसके मुताबिक अगर कैदी इसे याद करके सुनाएंगे तो उनको सजा (Punishment) में छूट दी जाएगी।
किन कैदियों को होगी कितनी छूट?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘पंजाब सरकार के गृह विभाग ने एक प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री चौधरी परवेज इलाही (Parvaze Ilahi) को भेजा है। जिसके अनुसार प्रांत की जेलों में बंद ईसाई, हिंदू और सिख कैदियों को पवित्र ग्रंथों – बाइबल (Bible) और भगवद् गीता को याद करने पर सजा की अवधि में तीन से छह महीने तक की छूट की बात कही गई है। तो वहीं मुस्लिम कैदियों द्वारा कुरान को याद करने में छह महीने से दो साल तक की छूट मिल सकती है।
सम्बंधित ख़बरें
यूरोप पहुंची पाकिस्तानी अल्पसंख्यकों की आवाज… बच्चियों के जबरन धर्म परिवर्तन पर EU ने शहबाज सरकार को लताड़ा
बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था से पाकिस्तान में हड़कंप, विदेशी कंपनियों का टूटा भरोसा; निवेश पर गहराया संकट
कश्मीर के हर कब्रिस्तान में पाकिस्तानी दफन, हिजबुल कमांडर का बड़ा दावा; वायरल VIDEO से खुली पाकिस्तान की पोल
Afghan Refugees Pakistan: पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों पर सख्ती, 11 जुलाई से होगी गिरफ्तारी
कैदी ने दायर की थी याचिका
दरअसल, इसको लेकर एक ईसाई याचिकाकर्ता ने मार्च में पाकिस्तान जेल नियम 1978 के नियम 215 के मुसलमानों को दी जाने वाली छूट का हवाला देते हुए अन्य धर्मों के कैदियों के लिए भी इसी तरह के छूट को लेकर अनुरोध किया था। गौरतलब है कि अब इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री द्वारा मंजूरी मिलने के बाद कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
