मुहम्मद यूनुस (सोर्स- सोशल मीडिया)
Bangladesh Protest: बांग्लादेश में चुनाव की आहट के बीच हिंसक विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक हलचल बनी हुई है। जिन राजनीतिक ताकतों के सहयोग से मुहम्मद यूनुस ने शेख हसीना सरकार का तख्तापलट किया था, आज वही उनके सामने खड़े नज़र आ रहे हैं। शिक्षकों की नियुक्ति रद्द करने के फैसले ने यूनुस सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। इन सब के बीच, प्रमुख विपक्षी दल बांग्लादेश अवामी लीग (एएल) ने ढाका में ‘लॉकडाउन’ की घोषणा करके तनाव को और बढ़ा दिया है।
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के लिए हालात मुश्किल होते जा रहे हैं। विरोध की मुख्य वजह उनका वह फैसला है, जिसमें प्राइमरी स्कूलों में संगीत और शारीरिक शिक्षा (पीटी) के शिक्षकों की भर्ती की योजना को रद्द कर दिया गया है।
इस फैसले के विरोध में देश के शिक्षक और छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि यूनुस सरकार कट्टरपंथी इस्लामिक समूहों के दबाव में आ गई है, जो संगीत को ‘गैर-इस्लामिक’ मानते हैं। लोगों का कहना है कि जिस यूनुस को पहले इन्हीं समूहों का समर्थन मिला था, अब उन्हीं समूहों के आगे झुककर वह जन-भावनाओं को नजरअंदाज कर रहे हैं।
यह विरोध तब सामने आया है जब कुछ समय पहले ही देशभर में शिक्षकों ने 11वीं ग्रेड के वेतन की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया था। उस दौरान पूरे देश के स्कूलों में पढ़ाई ठप हो गई थी और प्रदर्शनकारी शिक्षकों पर पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा था। यह घटना दर्शाती है कि शिक्षक समुदाय पहले से ही सरकार से नाराज़ है।
इस राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी, बांग्लादेश अवामी लीग (एएल) ने ढाका में गुरुवार को ‘लॉकडाउन’ की योजना बनाई है। इस संभावित बड़े प्रदर्शन को देखते हुए देश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। गृह मामलों के सलाहकार जहांगीर आलम चौधरी ने बताया कि पुलिस और सुरक्षा बल अब देश में ज्यादा गश्त कर रहे हैं और महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
ढाका में लॉकडाउन की योजना ऐसे समय में आई है जब बांग्लादेश का अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण गुरुवार को शेख हसीना और उनके कई बड़े सहयोगियों के संबंध में किसी फैसले की तारीख तय कर सकता है। सोमवार को एएल समर्थकों ने बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में हिंसक विरोध प्रदर्शन किए, जिससे ढाका के निवासियों में डर का माहौल है। शहर के कुछ हिस्सों से बसों में आग लगाने और बम विस्फोटों की खबरें भी आई हैं, जो मौजूदा तनाव को दर्शाती हैं।
यह भी पढ़ें: मोदी और भारत के लिए…दिल्ली धमाके पर खौला नेतन्याहू का खून, कहा- शहरों पर हमले, आत्मा पर नहीं
यह स्थिति बताती है कि यूनुस सरकार को अपने ही समर्थकों और बड़े विपक्षी दल दोनों की तरफ से चुनौती मिल रही है। यह देखना बाकी है कि यूनुस सरकार इन विरोध प्रदर्शनों और एएल के ढाका लॉकडाउन से कैसे निपटती है।