तारिक के शपथ ग्रहण से मोदी ने बनाई दूरी, PM की जगह ओम बिरला जाएंगे बांग्लादेश! सामने आई चौंकाने वाली वजह
BNP Oath Ceremony: बांग्लादेश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में PM मोदी शामिल नहीं होंगे। उनकी जगह भारत सरकार ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को भेजने का फैसला किया है।
- Written By: अभिषेक सिंह
तारिक रहमान (सोर्स- सोशल मीडिया)
Tarique Rahman Oath Ceremony: बांग्लादेश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल नहीं होंगे। उनकी जगह भारत सरकार ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को भेजने का फैसला किया है। बीते कल तारिक रहमान ने पीएम मोदी को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का न्योता भेजा था।
न्यूज एजेंसी एएनआई के सूत्रों के मुताबिक, स्पीकर ओम बिरला के साथ विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी इस उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे। 17 फरवरी को ढाका के राष्ट्रीय संसद भवन के साउथ प्लाजा में होने वाले इस ऐतिहासिक समारोह पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं, जो पड़ोसी मुल्क में एक बड़े सत्ता परिवर्तन का गवाह बनेगा।
बांग्लादेश क्यों नहीं जा रहे PM मोदी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता और दिल्ली में होने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समिट की तैयारियों में व्यस्त हैं, जिसके चलते वे ढाका नहीं जा पा रहे हैं। भारत की ओर से भेजा जा रहा यह प्रतिनिधिमंडल दोनों देशों के बीच गहरी और स्थायी दोस्ती को रेखांकित करता है।
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17 साल बाद खत्म हुआ वनवास
हाल ही में हुए बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने भारी जीत हासिल की है। तारिक रहमान ने 17 साल के लंबे निर्वासन के बाद दिसंबर 2025 में लंदन से वतन वापसी की थी और अब वे प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालने जा रहे हैं। उनके पिता जिया उर रहमान बीएनपी के संस्थापक थे, जबकि उनकी मां खालिदा जिया पूर्व प्रधानमंत्री रही हैं।
बीएनपी को मिला दो तिहाई बहुमत
साल 2008 में भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच देश छोड़ने वाले रहमान ने इस चुनाव में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर इतिहास रच दिया है। यह चुनाव 2024 के छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना के सत्ता से बेदखल होने के बाद पहली बार हुआ था। अपनी जीत के बाद रहमान ने राष्ट्रीय एकता का आह्वान किया है और वादा किया है कि वे लोकतंत्र, कानून व्यवस्था और आर्थिक स्थिरता को मजबूत करेंगे।
भारत-बांग्लादेश रिश्तों की नई शुरुआत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी को ही फोन पर तारिक रहमान को बधाई दी थी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हुए सभी बलिदानों को याद किया था। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस ने इस समारोह के लिए चीन, पाकिस्तान, सऊदी अरब और मलेशिया समेत 13 देशों के नेताओं को आमंत्रित किया है।
भारत की ओर से उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजने का फैसला दोनों देशों के बीच नई शुरुआत का प्रतीक माना जा रहा है। बीएनपी ने हमेशा भारत के साथ संतुलित संबंधों पर जोर दिया है। तारिक रहमान ने भी स्पष्ट किया है कि वे किसी एक देश पर अत्यधिक निर्भरता नहीं रखेंगे, बल्कि व्यापक अंतरराष्ट्रीय साझेदारी बनाएंगे।
बांग्लादेश में हुई लोकतंत्र की वापसी
यह शपथ ग्रहण समारोह बांग्लादेश में लोकतंत्र की वापसी का प्रतीक माना जा रहा है। तारिक रहमान ने युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने, भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती बरतने और रोजगार सृजन का वादा किया है। भारत के लिए बांग्लादेश एक अहम पड़ोसी है और दोनों देश साझा इतिहास, संस्कृति व सीमा से जुड़े हैं।
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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और विदेश सचिव विक्रम मिस्री की उपस्थिति से व्यापार, सुरक्षा, जल संसाधन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई गति मिलने की उम्मीद है। दोनों देश मिलकर क्षेत्रीय स्थिरता और समृद्धि के लिए काम करेंगे, जो दक्षिण एशिया के भविष्य के लिए बेहद अहम है।
