रहमान सरकार में हिन्दू नेता को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी, बांग्लादेश के लोकतंत्र में पहली बार बनेगा मंत्री
Bangladesh News: तारिक रहमान की संभावित नई कैबिनेट में बीएनपी नेता गोयेश्वर चंद्र रॉय को मंत्री बनाया जा सकता है, हिंदू समुदाय को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति के तहत।
- Written By: अक्षय साहू
बीएनपी नेता गोयेश्वर चंद्र रॉय (सोर्श- सोशल मीडिया)
Hindu Minister in Tarique Rahman Cabinet: तारिक रहमान की नई सरकार में हिंदू समुदाय को प्रतिनिधित्व देने की तैयारी की जा रही है। चर्चा है कि बीएनपी के वरिष्ठ नेता गोयेश्वर चंद्र रॉय को नई कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। इस बार बीएनपी के चुनाव चिह्न पर जीतकर संसद पहुंचने वाले दो हिंदू सांसदों में रॉय भी शामिल हैं।
The Daily Star की रिपोर्ट के अनुसार, नई कैबिनेट में करीब 40 मंत्रियों को जगह मिल सकती है। तारिक रहमान अनुभवी और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में हैं। जिन नेताओं के मंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है, उनमें मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर, सलाहुद्दीन चौधरी, मिर्जा अब्बास, हाफिज उद्दीन अहमद, अमीर खोसरू महमूद चौधरी और अब्दुल मोईन खान के नाम प्रमुख हैं। ये सभी पहले खालिदा जिया की सरकार में मंत्री रह चुके हैं।
मंत्रिमंडल में नए चेहरें भी शामिल
इसके साथ ही कुछ नए चेहरों को भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा है। इनमें शमा उबैद (फरीदपुर-2), अफरोजा खानम रीता (मानिकगंज-3) और फरजाना शर्मिन पुतुल (नटोर-1) के नाम सामने आ रहे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Bangladesh-India सीमा पर भारी तनाव: लाठी-डंडे लेकर घुसपैठ की कोशिश में बॉर्डर पर जुटे सैकड़ों बांग्लादेशी
बांग्लादेश में हिंदुओं का विरोध प्रदर्शन: ढाका में गूंजे ‘जय श्री राम’ के नारे, सड़कों पर उतरे लोग
बांग्लादेश में ‘राम’ के अपमान पर भड़के हिंदू छात्र; ढाका में महाआंदोलन का आगाज, सरकार को दी खुली चुनौती
Ram Statue Controversy: बांग्लादेश में राम की मूर्ति के निर्माण पर रोक से बड़ा बवाल, तस्लीमा नसरीन भी भड़कीं
हिंदू समुदाय से गोयेश्वर चंद्र रॉय का नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि चुनाव से पहले तारिक रहमान ने सभी समुदायों को प्रतिनिधित्व देने की बात कही थी। उनका कहना था कि समावेशी भागीदारी से ही देश का संतुलित विकास संभव है।
कौन हैं गोयेश्वर चंद्र रॉय?
गोयेश्वर चंद्र रॉय बीएनपी की नीति-निर्माण समिति के प्रमुख हैं और 1978 से पार्टी से जुड़े हुए हैं। शेख हसीना के शासनकाल में भी वे खालिदा जिया के पक्ष में सक्रिय रहे। वे ढाका-3 सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे हैं और पहले भी मंत्री रह चुके हैं।
उनके समधी नितॉय रॉय चौधरी भी बीएनपी के टिकट पर इस बार संसद पहुंचे हैं। माना जा रहा है कि परिवार के दो सदस्यों के जीतकर आने से पार्टी में गोयेश्वर की स्थिति और मजबूत हुई है।
यह भी पढ़ें: एपस्टीन ने भारतीय लड़की का भी किया था शोषण, नए दस्तावेजों से हुआ बड़ा खुलासा, मचा हड़कंप
बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की भूमिका
बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की आबादी लगभग 9 प्रतिशत है। पूर्व में भी कैबिनेट में हिंदू प्रतिनिधित्व रहा है। शेख हसीना की सरकार में हर बार कम से कम दो हिंदू मंत्रियों को शामिल किया गया। वहीं मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में भी बिधान चंद्र पोद्दार को मंत्रिमंडल में जगह दी गई थी।
Frequently Asked Questions
-
Que: गोयेश्वर चंद्र रॉय कौन हैं?
Ans: गोयेश्वर चंद्र रॉय बीएनपी के वरिष्ठ नेता और नीति-निर्माण समिति के प्रमुख हैं। वे 1978 से पार्टी से जुड़े हैं, पहले मंत्री रह चुके हैं और ढाका-3 सीट से सांसद चुने गए हैं।
-
Que: उन्हें कैबिनेट में क्यों शामिल किया जा सकता है?
Ans: तारिक रहमान सभी समुदायों को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। हिंदू समुदाय से सीमित सांसद जीतकर आए हैं, इसलिए संतुलन और संदेश के लिए रॉय को मौका मिल सकता है।
-
Que: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय का कितना महत्व है?
Ans: बांग्लादेश में हिंदू आबादी लगभग 9% है। पूर्व सरकारों में भी हिंदू मंत्रियों को शामिल किया जाता रहा है, जिससे राजनीतिक और सामाजिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश दिखती है।
