बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने दिया… शेख हसीना से संपर्क करने के लगे थे आरोप
Mohammed Shahabuddin Resigns: बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शाहाबुद्दीन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया है।
- Written By: अक्षय साहू
बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने इस्तीफा दिया (सोर्स- सोशल मीडिया)
Bangladesh President Mohammed Shahabuddin Resigned: बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शाहाबुद्दीन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के बाद उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं और इसी वजह से पद छोड़ने का फैसला लिया है। उन्होंने द डेली स्टार से बातचीत में कहा कि मैं सेहत से जुड़ी कई दिक्कतों का सामना कर रहा हूं। फिलहाल मुझे इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनका इस्तीफा पत्र लेकर राष्ट्रपति भवन (बंगभवन) से प्रतिनिधि संसद के लिए रवाना हो चुके हैं।
शाहाबुद्दीन को बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का करीबी माना जाता था। उन्होंने 24 अप्रैल 2023 को देश के 22वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। उन्हें तत्कालीन स्पीकर शिरीन शर्मिन चौधरी ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई थी। वह अवामी लीग के उम्मीदवार थे और 13 फरवरी 2023 को निर्विरोध राष्ट्रपति चुने गए थे, क्योंकि उनके खिलाफ किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया था। उनका कार्यकाल 5 साल का था, लेकिन उन्होंने अपने कार्यकाल खत्म होने से दो साल पहले ही इस्तीफा दे दिया है।
शेख हसीना से संपर्क करने का आरोप
‘द डेली स्टार’ ने सूत्रों के हवाले से बताया कि मोहम्मद शहाबुद्दीन के इस्तीफे की खबर ऐसे समय आई है, जब यह रिपोर्ट सामने आई कि इस साल मई में इलाज के लिए लंदन जाने के दौरान उन्होंने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर बात की थी।
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रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में खुफिया एजेंसियों को इस बातचीत की जानकारी मिली, जिसके बाद राष्ट्रपति से इस्तीफा देने के लिए कहा गया। हालांकि, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि सिर्फ यही फोन कॉल इस्तीफे की वजह नहीं थी। उनके मुताबिक, पूरा मामला इससे कहीं ज्यादा जटिल है। जुलाई 2024 के प्रदर्शनों के दौरान शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के सत्ता से हटने के बाद से ही शहाबुद्दीन के राष्ट्रपति पद पर बने रहने को लेकर देश में लगातार राजनीतिक बहस चल रही थी।
अवामी लीग के नेताओं पर हो रही कार्रवाई
बांग्लादेश की तेजी से बदलती राजनीतिक स्थिति के बीच यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब बीएनपी के नेतृत्व वाली सरकार अवामी लीग से जुड़े नेताओं पर कार्रवाई तेज कर रही है। यह घटनाक्रम शहाबुद्दीन के हालिया दावों के बाद सामने आया है, जिनमें उन्होंने कहा था कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली पिछली अंतरिम सरकार के दौरान उन्हें राष्ट्रपति पद से हटाने की कोशिश हुई थी।
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इस साल की शुरुआत में बांग्लादेश के बंगाली अखबार ‘कालेर कंथो’ को ढाका स्थित राष्ट्रपति भवन बंगाभवन में दिए गए एक इंटरव्यू में शहाबुद्दीन ने कहा था कि डेढ़ साल तक चली अंतरिम सरकार के दौरान उन्हें किसी भी अहम चर्चा में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ साजिशें रची गईं, उन्हें पद से हटाने की कोशिश हुई और देश में अस्थिरता फैलाकर संवैधानिक संकट पैदा करने की कोशिश की गई।
