…तो बांग्लादेश में फिर होगा तख्तापलट, यूनुस पर भड़का इंकलाब मंच, दे डाली संसद पर कब्जा की धमकी
Inqilab Manch News: बांग्लादेश में उस्मान हादी की मौत के बाद इंकलाब मंच ने देशव्यापी बंद और प्रदर्शन शुरू किया, और सरकार को तख्तापलट की धमकी दी, विरोध बढ़ते ही जा रहे हैं।
- Written By: अक्षय साहू
इंकलाब मंच ने दी संसद पर कब्जा की धमकी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Inqilab Manch Warns Yunus: बांग्लादेश में उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा लगातार बढ़ती जा रही है, और अब इंकलाब मंच ने इस विरोध को और तेज कर दिया है। इंकलाब मंच ने आज यानी रविवार से देशव्यापी बंद का आह्वान किया है, जो सुबह 11 बजे से शुरू हो गया है। देशव्यापी बंद के चलते राजधानी ढाका समेत पूरे देश में तनाव का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक, ढाका और अन्य शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, खासकर शाहबाग में, जहां शुक्रवार से ही कई कार्यकर्ता धरने पर बैठे हैं। शनिवार को भी ढाका के विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शनों के कारण सड़कें जाम हो गईं थी। हालांकि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने इसे लेकर कोई बयान नहीं दिया है।
यूनुस को तख्तापलट की धमकी
इंकलाब मंच के सदस्य अब्दुल्ला ने शाहबाग में कहा कि आज तो हम यहां हैं, लेकिन जल्द ही हम जमुना तक पहुंच जाएंगे, जो कि अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस का आवास है। मंच के सदस्य अल जबर ने कहा कि शुक्रवार से सैकड़ों लोग धरने पर बैठे हैं, लेकिन सरकार की तरफ से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस ठंड में लोग सड़कों पर हैं, जिससे सरकार की नीतियों के खिलाफ लोगों का विश्वास टूटता जा रहा है।
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इंकलाब मंच ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार अपनी नीति नहीं बदलती तो वे तख्तापलट तक जा सकते हैं। जबर ने कहा कि यदि सरकार को लगता है कि सचिवालय और कैंट के भीतर उनका नियंत्रण सुरक्षित है, तो यह एक गलत धारणा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 12 दिसंबर को हादी की नमाज-ए-जनाजा के दौरान अगर विरोध करने वाले चाहते तो वे सरकार को बदल सकते थे। उनका दावा है कि सरकार के पास जमुना और कैंट भी नहीं बचा सकते थे, यदि विरोध और बढ़ जाता।
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हिंदू समुदाय के लोगों पर हमले
उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं। कट्टरपंथी संगठन इस हिंसा को भारत से जोड़कर बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के लोगों पर हमले कर रहे हैं। ऐसे ही एक घिनौने हमले में दीपू चंद्र दास की हत्या कर दी गई, जिसमें उस पर ईशनिंदा का झूठा आरोप लगाकर बेरहमी से मार डाला गया।
