बांग्लादेश में पहला चुनावी कत्ल! शेख हसीना के विरोधी उस्मान हादी की दिनदहाड़े हत्या, ढाका में हड़कंप
Osman Hadi Murder: चुनाव की घोषणा के बाद ढाका में पहली राजनीतिक हत्या हुई है। चुनाव प्रचार के दौरान ढाका-8 सीट के संभावित उम्मीदवार उस्मान हादी को बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार दी।
- Written By: अमन उपाध्याय
शेख हसीना के विरोधी उस्मान हादी की दिनदहाड़े हत्या, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Bangladesh Political Violence: बांग्लादेश में आम चुनाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक तनाव तेज होता दिख रहा है। इसी बीच शनिवार को ढाका में पहली राजनीतिक हत्या की खबर ने पूरे देश की सियासत को हिला दिया।
ढाका-8 सीट से संभावित उम्मीदवार और इकबाल मंच के प्रमुख चेहरों में शामिल उस्मान हादी की चुनाव प्रचार के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात ढाका के इकबाल मंच परिसर के पास हुई जहां हादी दोपहर करीब 2 बजे भाषण दे रहे थे।
दो हमलावरों ने हादी पर चलाई गोली
स्थानीय मीडिया ‘प्रथम आलो’ की रिपोर्ट के अनुसार, भाषण के दौरान अचानक बाइक पर आए दो हमलावरों ने हादी पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि हादी के सिर में कई गोलियां मारी गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया।
सम्बंधित ख़बरें
लाख स्टार्टअप्स, UPI और AI…पेरिस में PM मोदी ने दुनिया को दिखाया भारत का दम, जानें क्या कुछ कहा
India Russia Pact: भारत में 3000 रूसी सैनिकों की तैनाती और सैन्य लॉजिस्टिक समझौते का क्या है असली सच?
Trump G2 Formula: क्या अमेरिका और चीन की नई दोस्ती भारत और क्वाड के लिए है एक बड़ा खतरा?
‘यह हमला जायज है…’ मॉस्को की रिफाइनरी फूंकने के बाद जेलेंस्की की रूस को खुली चुनौती, दहला पुतिन का गढ़
कौन थे उस्मान हादी?
उस्मान हादी इकबाल मंच के प्रवक्ता और शेख हसीना सरकार के खिलाफ जुलाई 2024 के बड़े आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल थे। उस आंदोलन के दौरान मंच की कमान पूरी तरह उन पर ही थी और वे अपने तीखे भाषणों के लिए पहचाने जाते थे। आंदोलन के बाद से वह जमीन पर लगातार सक्रिय थे और ढाका-8 सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे।
हादी मूल रूप से झालोकाठी जिले के रहने वाले थे और उनकी पढ़ाई ढाका विश्वविद्यालय से हुई थी। उनके पिता एक इमाम हैं और हादी तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। सोशल मीडिया पर भी उनकी लोकप्रियता काफी थी। वे उस वक्त भी सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने जुलाई विद्रोह के आंदोलनकारियों के लिए स्मारक बनाने का अभियान चलाया था। इसी दौरान उनके समर्थकों पर शेख मुजीबुर रहमान के स्मारकों पर हमला करने के आरोप भी लगे थे।
पुलिस और सरकार की प्रतिक्रिया
ढाका पुलिस के प्रवक्ता मुहम्मद तालेबुर रहमान ने बताया कि हादी पर हमला पीछे से किया गया और पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी में कैद हुई है। पुलिस अब फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान कर रही है।
अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव प्रक्रिया को बिगाड़ने वालों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा। यूनुस ने लोगों से शांत रहने और पुलिस जांच में सहयोग करने की अपील की।
यह भी पढ़ें:- ‘मुनीर सेना से गंदगी साफ करो’, ISI के पूर्व चीफ की सजा के बाद बोले PAK सांसद, मचा हड़कंप
ढाका शहर में हत्या के बाद तनाव बना हुआ है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं। सरकार का कहना है कि वे हर कीमत पर शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
