बांग्लादेश चुनाव 2026 के नतीजों पर विवाद (सोर्स-सोशल मीडिया)
Bangladesh Election Results Controversy 2026: हाल ही में हुए वोटिंग नतीजों की घोषणा के बाद, विपक्षी नेता बांग्लादेश चुनाव में धोखाधड़ी के आरोप लगा रहे हैं। इन बड़ी राजनीतिक पार्टियों का दावा है कि ढाका के कई खास चुनाव क्षेत्रों में गिनती के तरीकों में गड़बड़ी हुई है। स्टूडेंट्स पार्टी नेशनल सिटीजन पार्टी ने इन संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत नई जांच की मांग की है। आखिरी नतीजों को लेकर इस “बिल्ली और चूहे के खेल” ने राजधानी में तनाव का माहौल बना दिया है।
बांग्लादेश के आम चुनाव के नतीजों को लेकर अब एक नया और बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जमात-ए-इस्लामी की अगुवाई वाले 11-दलीय गठबंधन ने कई प्रमुख सीटों पर गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। गठबंधन के नेताओं का दावा है कि परिणामों में जानबूझकर छेड़छाड़ की कोशिशें की गई हैं।
छात्रों की नेशनल सिटिजन पार्टी यानी NCP ने इस मामले में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की है। पार्टी के नेता आसिफ महमूद सजीब भुइयां ने कहा कि कई सीटों पर धांधली के संकेत मिले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां उनके गठबंधन के नेता आगे थे वहां अचानक नतीजे बदल दिए गए।
विशेष रूप से ढाका-13, ढाका-8, ढाका-16 और ढाका-17 सीटों पर ये गंभीर शिकायतें दर्ज हुई हैं। NCP का कहना है कि ढाका-13 सीट पर उनके उम्मीदवार बड़ी बढ़त बनाए हुए थे। लेकिन अचानक विरोधी उम्मीदवार की जीत घोषित कर दी गई जो पूरी तरह संदेह पैदा करता है।
ढाका-13 से जमात समर्थित उम्मीदवार मौलाना ममनूल हक ने मतदान की पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बैलेट पेपर के डिजाइन में ऐसी खामी थी जिससे मतदाताओं में भ्रम पैदा हुआ। इस कारण से हजारों वैध वोट रद्द कर दिए गए जो कि लोकतंत्र के खिलाफ है।
ममनूल हक ने दावा किया कि करीब 50 केंद्रों पर लगभग 1,200 वोट अमान्य घोषित कर दिए गए थे। उन्होंने चुनाव आयोग से इस गड़बड़ी की जांच करने और स्पष्ट जवाब देने की मांग की है। उनके अनुसार कुल मिलाकर लगभग 3,000 वोट अमान्य घोषित किए गए हैं।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार BNP समर्थित उम्मीदवार बॉबी हज्जाज को ढाका-13 सीट से विजयी घोषित किया गया। हज्जाज ने इस सीट पर 90,601 वोट हासिल कर अपनी बड़ी जीत दर्ज की है। हालांकि विपक्षी दलों ने इस आधिकारिक आंकड़े को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।
ढाका-8 सीट को लेकर भी काफी ज्यादा विवाद और हंगामा देखने को मिल रहा है। NCP संयोजक नाहिद इस्लाम ने सोशल मीडिया पर लोगों से भारी संख्या में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे आम लोगों के वोट के अधिकार की रक्षा करें।
इस सीट के उम्मीदवार नासिरुद्दीन पटवारी ने BNP प्रत्याशी मिर्जा अब्बास पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आधिकारिक घोषणा से पहले ही नतीजों में बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए। जमात नेतृत्व ने इस पूरी स्थिति को “चूहे-बिल्ली का खेल” करार दिया है।
चुनाव आयोग इन शिकायतों के बाद अब भारी दबाव में नजर आ रहा है और जांच की मांग बढ़ रही है। जमात प्रमुख का मानना है कि बिना निष्पक्षता की गारंटी के चुनाव कराना असली राजनीति नहीं है। पूरा देश अब आयोग की अगली कार्रवाई और आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार कर रहा है।
बांग्लादेश के इस राजनीतिक संकट ने अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का ध्यान भी अपनी ओर आकर्षित किया है। विपक्षी दलों का कहना है कि जब तक जांच पूरी न हो तब तक अंतिम नतीजे घोषित न हों। ढाका की सड़कों पर अब विरोध प्रदर्शन की सुगबुगाहट भी तेज होने लगी है।
BNP के तारिक रहमान भले ही जीत की राह पर हों लेकिन इन आरोपों ने उनकी बढ़त पर सवाल खड़े किए हैं। शेख हसीना ने पहले ही इन चुनावों को पूरी तरह से गैरकानूनी और दिखावा बताया था। अब धांधली के इन नए दावों ने देश की लोकतांत्रिक साख को चुनौती दी है।
इन विवादों के बीच चुनाव आयोग की निष्पक्षता एक बार फिर से अग्निपरीक्षा के दौर से गुजर रही है। यदि इन शिकायतों का उचित समाधान नहीं हुआ तो देश में बड़े स्तर पर राजनीतिक अस्थिरता फैल सकती है। जनता अब केवल पारदर्शी और ईमानदार चुनाव परिणामों की ही उम्मीद कर रही है।