तारिक रहमान और शेख हसीना (सोर्स-सोशल मीडिया)
Tarique Rahman Wins Bangladesh Election: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की जीत, नए पोल के बाद देश के पॉलिटिकल माहौल में बड़े बदलाव का संकेत है। ये 2026 के आम चुनाव के नतीजे सालों के तनाव के बाद विपक्षी गठबंधन के लिए भारी जनादेश की पुष्टि करते हैं। तारिक रहमान लंदन में सत्रह साल के लंबे देश निकाला के बाद दक्षिण एशियाई देश का नेतृत्व करने के लिए सत्ता में लौटे हैं। यह ऐतिहासिक जीत अवामी लीग के दबदबे वाले दौर का अंत है और बड़े संवैधानिक सुधारों का वादा करती है।
बांग्लादेश के संसदीय चुनाव 2026 के नतीजों ने देश की राजनीति में पिछले दो दशकों का सबसे बड़ा बदलाव ला दिया है। तारिक रहमान की पार्टी BNP ने बहुमत के लिए जरूरी 151 सीटों का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ ही अवामी लीग का लंबे समय से चला आ रहा शासन अब पूरी तरह समाप्त होता नजर आ रहा है।
BNP प्रमुख तारिक रहमान ने अपनी दोनों संसदीय सीटों ढाका-17 और बोगुरा-6 से बहुत बड़े अंतर से ऐतिहासिक जीत हासिल की है। बोगुरा उनके परिवार का पुश्तैनी गढ़ माना जाता है जबकि ढाका-17 सीट को राजधानी का दिल कहा जाता है। इन दो सीटों पर मिली बड़ी जीत ने उनके राजनीतिक कद और प्रभाव को जनता के बीच काफी मजबूत कर दिया है।
तारिक रहमान की यह सफलता आसान नहीं थी क्योंकि उन्हें लंदन में 17 साल तक स्वयं-निर्धारित निर्वासन के दौर से गुजरना पड़ा था। वह देश से दूर रहकर भी वीडियो कॉल और सोशल मीडिया के जरिए अपनी पार्टी का नेतृत्व एक विपक्षी नेता के रूप में करते रहे। उनके खिलाफ दर्जनों भ्रष्टाचार के मामले दर्ज थे जिन्हें उन्होंने हमेशा अवामी लीग सरकार का राजनीतिक दबाव बताया था।
साल 2024 में हुए विशाल छात्र आंदोलन के बाद ही तारिक रहमान के लिए देश वापसी की नई राजनीतिक जमीन तैयार हुई थी। इसके बाद 2026 की शुरुआत तक ग्रेनेड हमले समेत कई बड़े कानूनी मामलों में उन्हें अदालत द्वारा पूरी तरह बरी कर दिया गया। दिसंबर 2025 में उनकी वतन वापसी हुई जिससे पूरी पार्टी में नई जान आ गई और कार्यकर्ताओं में उत्साह भर गया।
चुनाव प्रचार के दौरान तारिक रहमान ने केवल सत्ता हासिल करने के बजाय देश की पूरी व्यवस्था में बड़े सुधार लाने का वादा किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री पद के लिए दो कार्यकाल की सीमा तय करने और संसद में एक नया ऊपरी सदन बनाने का प्रस्ताव पेश किया है। उन्होंने अपने समर्थकों से बार-बार अपील की है कि वे किसी भी तरह के राजनीतिक बदले की भावना से दूर रहें।
प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद तारिक रहमान के सामने देश की महंगाई से जूझती अर्थव्यवस्था को संभालना सबसे बड़ी चुनौती साबित होगी। उन्हें सेना के साथ बेहतर संतुलन बनाना होगा और यह साबित करना होगा कि उनका लोकतंत्र समाज के हर वर्ग के लिए है। युवाओं और अल्पसंख्यकों का भरोसा जीतना भी उनकी भावी सरकार के लिए एक अत्यंत कठिन और महत्वपूर्ण परीक्षा होगी।
यह चुनाव परिणाम स्पष्ट संदेश देते हैं कि बांग्लादेश की जनता अब एक नई शुरुआत और मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों की बहाली की इच्छा रखती है। 17 साल के लंबे इंतजार के बाद BNP की सत्ता में वापसी ने पूरे देश के समर्थकों के बीच जश्न का माहौल बना दिया है। अब दुनिया की नजरें इस पर होंगी कि तारिक रहमान की यह विरासत नए दौर की उम्मीदों पर कैसे खरी उतरती है।
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अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस के साथ उनकी मुलाकातों ने पहले ही देश में आने वाले इस बड़े राजनीतिक बदलाव का स्पष्ट संकेत दे दिया था। देश के नागरिक अब एक ऐसी स्थिर सरकार की उम्मीद कर रही है जो पारदर्शिता, न्याय और आर्थिक विकास को अपनी प्राथमिकता बनाएगी। BNP की यह भारी जीत केवल एक चुनावी कामयाबी नहीं बल्कि उनके वर्षों के लंबे राजनीतिक संघर्ष का एक बड़ा परिणाम है।