बांग्लादेश चुनाव, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश कल यानी 12 फरवरी को अपने इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार के पतन और महीनों तक चली हिंसा के बाद, देश कल अपना नया नेतृत्व चुनने के लिए मतदान करेगा। 13वें संसदीय चुनाव के साथ-साथ एक 84-पॉइंट रिफॉर्म पैकेज पर रेफरेंडम (जनमत संग्रह) भी कराया जा रहा है।
इस चुनाव की सबसे खास और अलग बात यह है कि पहली बार मतदाताओं को एक साथ दो अलग-अलग वोट डालने होंगे।
चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए बांग्लादेश के चुनावी इतिहास का सबसे बड़ा सुरक्षा इंतज़ाम किया गया है। लगभग 10 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। पहली बार चुनावी निगरानी के लिए ड्रोन और 25,000 बॉडी-वॉर्न कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। कुल 43,000 पोलिंग सेंटरों में से 24,000 को ‘हाई’ या ‘मॉडरेट’ रिस्क वाला घोषित किया गया है।
करीब कई दशकों में यह पहला मौका है जब शेख हसीना चुनावी मैदान में नहीं हैं। अंतरिम सरकार द्वारा उनकी पार्टी आवामी लीग पर प्रतिबंध लगाए जाने के कारण वह इस बार चुनाव नहीं लड़ रहीं।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान को प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाया गया है। पार्टी ने सबसे अधिक 291 उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा है, जिससे उसकी मजबूत दावेदारी साफ झलकती है।
जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले इस गठबंधन को 11 दलों का समर्थन हासिल है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह गठबंधन बीएनपी के लिए कड़ी चुनौती बनकर उभर रहा है और मुकाबले को दिलचस्प बना सकता है।
यह भी पढ़ें:- ‘भारत नहीं बंद करेगा तेल खरीदना’, ट्रंप के दावे पर रूस का पलटवार; लावरोव बोले- समझौता पूरी तरह सुरक्षित
पिछले 18 महीनों में बांग्लादेश ने भारी हिंसा देखी है, जिसमें 1,400 से अधिक मौतें हुईं। अल्पसंख्यक संगठनों के अनुसार, अगस्त 2024 से 2025 तक सांप्रदायिक हिंसा में 61 हिंदुओं की मौत हुई और 2,000 से ज्यादा हमले हुए हैं। चुनाव के दौरान हिंसा की आशंका को देखते हुए हिंदू संगठनों ने मॉनिटरिंग सेल भी बनाया है।