Bangladesh Army: बांग्लादेश में सेना की वापसी, तारिक रहमान सरकार ने लिया कानून-व्यवस्था पर बड़ा फैसला
Bangladesh Army Return: बांग्लादेश के बाद शांति और कानून-व्यवस्था सुधरने के बाद तारिक रहमान सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने कहा है कि 6 जून से सभी सेना के जवानों को वापस बैरक में भेजा जाएगा।
- Written By: प्रिया सिंह
बांग्लादेश सेना और तारिक रहमान (सोर्स-सोशल मीडिया)
Bangladesh Army Troops Withdrawal: बांग्लादेश में तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद अब काफी शांति है। देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति अब काफी तेजी से सामान्य हो रही है। इसी बीच सरकार ने मैदानी इलाकों में तैनात जवानों को वापस बुलाने का अहम फैसला लिया है। जल्द ही सभी सेना के जवानों को वापस उनकी बैरकों में सुरक्षित भेज दिया जाएगा।
यह अहम फैसला मंगलवार को गृहमंत्री की अध्यक्षता में हुई कानून-व्यवस्था संबंधी कोर कमेटी की बैठक में लिया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में पूरे देश की वर्तमान स्थिति की बहुत ही गहनता से समीक्षा की गई। इसके बाद ही सेना को वापस बैरक में भेजने की इस पूरी योजना पर मुहर लगाई गई। अब इस फैसले के तहत छह जून से सेना की वापसी कई चरणों में होगी।
सेना की तैनाती का कारण और वापसी की प्रक्रिया
सरकार की योजना के अनुसार सबसे पहले दूरदराज के जिलों से सैनिकों को धीरे-धीरे हटाया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से सभी डिविजनल शहरों और बड़े जिलों से सेना को पूरी तरह से हटा लिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि जून महीने के भीतर मैदान में तैनात सभी जवानों को वापस बुला लिया जाए।
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बांग्लादेश में जुलाई 2024 में हिंसक हालात को पूरी तरह से नियंत्रित करने के लिए सेना को तैनात किया गया था। इस दौरान पूरे देश में बहुत ज्यादा राजनीतिक उथल-पुथल मची हुई थी जिससे हालात बेहद खराब हो गए थे। पुलिस बल की स्थिति भी उस समय काफी कमजोर थी इसलिए सेना ने कमान संभाली थी।
देश में हुए इन बड़े राजनीतिक बदलावों और पुलिसबल की कमजोर स्थिति के कारण सेना को मोर्चे पर डटना पड़ा। जवानों को मजबूरी में काफी लंबे समय तक मैदान में अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा के साथ करनी पड़ी थी। अब हालात काबू में होने पर प्रशासन ने इस जिम्मेदारी को वापस पुलिस को सौंपने का मन बना लिया है।
देश में सुरक्षा को लेकर बढ़ा विश्वास
तारिक रहमान सरकार के इस बड़े फैसले से आम जनता में भी अब सुरक्षा को लेकर भारी विश्वास जगा है। सेना की वापसी इस बात का बहुत बड़ा और स्पष्ट संकेत है कि देश में अब सब कुछ सामान्य हो गया है। प्रशासन को पूरी उम्मीद है कि अब पुलिस भी बिना सेना के कानून-व्यवस्था संभालने में पूरी तरह से सक्षम है।
