'जड़ से उखाड़ फेंको, हम भारत के साथ...' पाकिस्तानी नेता ने भारत को लिखा ओपन लेटर, कही ये बड़ी बात

Pakistan News: बलोच नेता मीर यार बलोच ने भारत के विदेश मंत्री को खुले पत्र में भारत और बलूचिस्तान के ऐतिहासिक रिश्तों, पाकिस्तान के खिलाफ सहयोग, और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर चेतावनी दी।
mir yar baloch open letter to india
बलोच नेता मीर यार बलोच (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Mir Yar Baloch Letter to India: बलोच नेता मीर यार बलोच ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को एक खुले पत्र के माध्यम से भारत सरकार और भारतीय जनता को नए वर्ष 2026 की शुभकामनाएं दी हैं। इस पत्र में उन्होंने भारत और बलूचिस्तान के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, और कूटनीतिक रिश्तों का उल्लेख किया। बलोच ने हिंगलाज माता मंदिर को दोनों देशों की साझा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया। मीर यार बलोच ने भारत की मोदी सरकार द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना, विशेषकर पहलगाम आतंकी हमले के बाद, एक साहसिक और न्यायपूर्ण कदम था, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी था।

बलूचिस्तान में तनाव की वजह ?

पत्र में बलोच नेता ने बलूचिस्तान की 79 सालों से पाकिस्तान के कब्जे में होने की गंभीर स्थिति पर भी प्रकाश डाला। मीर यार बलोच ने कहा कि अब समय आ गया है कि बलूचिस्तान को स्थायी शांति और संप्रभुता मिल सके, ताकि वहां के लोग अपने अधिकारों के साथ जी सकें।

 मीर यार बलोच ने बलूचिस्तान की जनता की ओर से भारत और उसकी सरकार के प्रति पूरी मजबूती से समर्थन की बात कही। उन्होंने शांति, सुरक्षा, और विकास के मुद्दों पर भारत के साथ ठोस और व्यावहारिक सहयोग की आवश्यकता जताई। बलोच नेता ने इस बात पर जोर दिया कि केवल बयानबाजी से काम नहीं चलेगा, बल्कि एक ठोस और पारस्परिक सहयोग की आवश्यकता है।

चीन से क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरा?

पत्र में पाकिस्तान-चीन के बढ़ते रणनीतिक साझेदारी को गंभीर खतरे के रूप में बताया गया। मीर यार बलोच ने चेतावनी दी कि चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) अब अंतिम चरण में है, जो क्षेत्रीय संतुलन को बिगाड़ सकता है। उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान में चीनी सेना की तैनाती से आने वाले महीनों में क्षेत्रीय सुरक्षा को बड़ा खतरा हो सकता है।

पत्र के अंत में मीर यार बलोच ने भारत से एक मजबूत, सक्रिय और रणनीतिक साझेदारी की उम्मीद जताई। उनका कहना था कि यह साझेदारी दोनों देशों की सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।

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