- Hindi News »
- World »
- Balen Shah Nepal Govt New Salary Policy Ban Student Politics Administrative Reforms
नेपाल में अब सरकारी कर्मचारियों को महीने में दो बार मिलेगी सैलरी…बालेन सरकार का ऐतिहासिक फैसला, बताई ये वजह
Nepal Salary Policy: बालेन शाह सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की सैलरी हर 15 दिन में देने का फैसला किया है। साथ ही विश्वविद्यालयों में छात्र राजनीति और कर्मचारी संगठनों को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
- Written By: अक्षय साहू

नेपाल में सरकारी कर्मचारियों को महीने में दो बार मिलेगी सैलरी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Balen Shah Nepal Govt New Salary Policy: बालेन शाह के नेतृत्व में बनी नेपाल की नई सरकार लगातार बड़े और सख्त फैसले लेकर चर्चा में है। सत्ता संभालने के बाद से ही सरकार ने भ्रष्टाचार और प्रशासनिक सुधारों पर आक्रामक रुख अपनाया है। पूर्व प्रधानमंत्रियों, मंत्रियों और अधिकारियों समेत करीब 100 लोगों की संपत्तियों की जांच शुरू की जा चुकी है, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
इसी बीच सरकार ने दो अहम फैसले लिए हैं, जिनका सीधा असर प्रशासन और शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा। पहला बड़ा फैसला सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से जुड़ा है। अब नेपाल (Nepal) में कर्मचारियों को हर महीने की बजाय हर 15 दिन में वेतन दिया जाएगा। यह निर्णय 17 अप्रैल को वित्त स्तर पर लिया गया और इसे लागू करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला?
सरकार का मानना है कि इस कदम से बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, जब कर्मचारियों के हाथ में बार-बार पैसा आएगा तो खर्च भी बढ़ेगा, जिससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। आमतौर पर भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका और मालदीव जैसे दक्षिण एशियाई देशों में सरकारी कर्मचारियों को मासिक वेतन दिया जाता है, ऐसे में नेपाल (Nepal) का यह कदम अलग और प्रयोगात्मक माना जा रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
ट्रंप-जिनपिंग की महामुलाकात, क्या US-चीन की ‘दोस्ती’ भारत के लिए बनेगा बड़ा खतरा? जानें सबकुछ
पांच देशों के दौरे पर जाएंगे PM मोदी, यूएई से लेकर नॉर्वे तक; इन अहम मुद्दों को लेकर होगी चर्चा
व्हाइट हाउस शूटआउट केस में बड़ा मोड़! आरोपी शख्स ने कोर्ट में खुद को बताया बेगुनाह, अब क्या करेंगे ट्रंप?
क्रूज शिप पर हंतावायरस का खौफनाक हमला, कई देशों में फैला संक्रमण; अमेरिका-फ्रांस में मचा हड़कंप
दूसरा बड़ा फैसला शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा है। प्रधानमंत्री बालेन शाह ने विश्वविद्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों में राजनीतिक दलों से जुड़े छात्र और कर्मचारी संगठनों को भंग करने के निर्देश दिए हैं। सिंह दरबार स्थित सचिवालय में कुलपतियों और संस्थानों के प्रमुखों के साथ लंबी बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया।
शैक्षिक संस्थानों में राजनीति की कोई जगह नहीं
सरकार का स्पष्ट संदेश है कि शैक्षणिक संस्थानों में राजनीति की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों का कहना है कि ‘जेन जेड’ आंदोलन के बाद छात्र राजनीति की प्रासंगिकता कम हो गई है, इसलिए अब संस्थानों को केवल शिक्षा और शोध पर ध्यान देना चाहिए।
यह भी पढ़ें- US नौसेना ने बीच समंदर ईरानी जहाज टूस्का पर किया कब्जा, दोनों देशों के बीच बढ़ा भारी तनाव
इन फैसलों से साफ है कि बालेन शाह सरकार प्रशासनिक सुधार, पारदर्शिता और संस्थागत बदलावों को लेकर तेजी से काम कर रही है। हालांकि, इन निर्णयों के दीर्घकालिक प्रभाव क्या होंगे, यह आने वाले समय में ही स्पष्ट हो पाएगा।
Frequently Asked Questions
-
Que: बालेन शाह सरकार ने वेतन प्रणाली में क्या बदलाव किया?
Ans: नेपाल में सरकारी कर्मचारियों को अब हर महीने की बजाय हर 15 दिन में वेतन मिलेगा, ताकि बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़े और आर्थिक गतिविधियों को तेज किया जा सके।
-
Que: नेपाल में छात्र संगठनों पर क्या फैसला लिया गया?
Ans: नेपाल सरकार ने विश्वविद्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों में राजनीतिक दलों से जुड़े छात्र व कर्मचारी संगठनों को खत्म करने का निर्देश दिया है, ताकि शिक्षा पर ध्यान केंद्रित रहे।
-
Que: बालेन सरकार इन फैसलों का उद्देश्य क्या है?
Ans: सरकार प्रशासनिक सुधार, पारदर्शिता बढ़ाने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए तेजी से बदलाव कर रही है, जिससे संस्थाओं की कार्यक्षमता और भरोसा दोनों बढ़ सकें।
Balen shah nepal govt new salary policy ban student politics administrative reforms
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
IPL 2026: धर्मशाला में दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाजों का दमदार प्रदर्शन, पंजाब किंग्स को 3 विकेट से चटाई धूल
May 11, 2026 | 11:34 PMIPL 2026: मैच के दौरान ‘अश्लील इशारा’ पड़ा भारी, RCB के बल्लेबाज टिम डेविड पर लगा जुर्माना
May 11, 2026 | 11:14 PMट्रंप-जिनपिंग की महामुलाकात, क्या US-चीन की ‘दोस्ती’ भारत के लिए बनेगा बड़ा खतरा? जानें सबकुछ
May 11, 2026 | 11:05 PMरेलवे पेंशनभोगियों की मौज! DR में 2% की बढ़ोतरी का ऐलान, जानें 1 जनवरी से कितनी बढ़ जाएगी आपकी पेंशन
May 11, 2026 | 11:03 PMमोदी सरकार युवाओं के सपनों के लिए सबसे बड़ा खतरा…NEET-UG पेपर लीक पर भड़के राहुल गांधी
May 11, 2026 | 10:54 PMक्या आप भी पढ़ा हुआ भूल जाते हैं? ठाणे में 16 मई से शुरू हो रहा है विशेष ‘मेंटल जिम’ ट्रेनिंग प्रोग्राम
May 11, 2026 | 10:54 PMAsian Boxing Championships: अंडर-17 में भारत की बेटियों का दमखम, फाइनल में 8 मुक्केबाज, 4 ने जीते ब्रॉन्ज
May 11, 2026 | 10:28 PMवीडियो गैलरी

‘नितेश राणे को पागलखाने भेजो…’, ओवैसी को आतंकवादी बताने पर भड़के वारिस पठान, देखें VIDEO
May 11, 2026 | 02:00 PM
मिडिल ईस्ट जंग का भारत पर असर; पीएम मोदी का लोगों से सोना न खरीदने और तेल कम खाने की अपील, VIDEO वायरल
May 11, 2026 | 01:05 PM
विजय कैबिनेट की 29 वर्षीय मंत्री ने मचाया तहलका, हिंदी बोलकर जीता उत्तर भारत का दिल, कौन हैं एस कीर्तना?
May 11, 2026 | 12:48 PM
PM मोदी के बेंगलुरु पहुंचने से पहले बड़ी साजिश नाकाम! कग्गलीपुरा में मिले विस्फोटक, मचा हड़कंप
May 11, 2026 | 12:11 PM
CM बनते ही विजय का मास्टरस्ट्रोक! 200 यूनिट फ्री बिजली और महिलाओं के लिए स्पेशल फोर्स का ऐलान
May 10, 2026 | 11:11 PM
पीठ पर छूरा घोंपना कांग्रेस का काम…बंगाल की जीत से गदगद हुए PM मोदी, बेंगलुरु में गिनाई भाजपा की उपलब्धियां
May 10, 2026 | 02:15 PM













