

Devendra Fadnavis Singing Gulabi Aankhen: महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर में आयोजित खासदार क्रीड़ा महोत्सव 2026 के समापन समारोह में एक ऐसा अद्भुत और रोमांचक नजारा देखने को मिला, जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की होगी। राजनीति के गंभीर मंचों पर कड़े फैसले लेने वाले और विपक्षी हमलों का डटकर जवाब देने वाले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस रविवार की शाम एक बिल्कुल अलग और सुरीले अंदाज में नजर आए।
इस कार्यक्रम की समापन संध्या संगीत और उत्साह के चरम पर थी। इंडियन आइडल फेम मशहूर गायिका शनमुखा प्रिया अपनी लाइव कंसर्ट से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रही थीं। कार्यक्रम के बीच में एक जादुई पल तब आया जब शनमुखा प्रिया अचानक मंच से नीचे उतर आईं और दर्शकों की पहली कतार में बैठे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के पास पहुंच गईं।
उन्होंने मुस्कुराते हुए दोनों दिग्गज नेताओं के सामने माइक रखा और उनसे गाने का विनम्र आग्रह किया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस चुनौती को बेहद सहजता से स्वीकार किया। जैसे ही उन्होंने बॉलीवुड का सदाबहार गाना गुलाबी आंखें जो तेरी देखीं, शराबी ये दिल हो गया अपनी आवाज में गुनगुनाना शुरू किया, पूरा ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट और प्रशंसकों के शोर से गूंज उठा। अपनी सीट पर बैठे-बैठे ही मुख्यमंत्री के इस अंदाज ने वहां मौजूद हजारों खेल प्रेमियों और नागरिकों का दिल जीत लिया।
मुख्यमंत्री के सुरों के बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी माहौल में चार चांद लगा दिए। उन्होंने प्रसिद्ध क्लासिक गीत 'ज़िंदगी कैसी है पहेली' की कुछ पंक्तियां गाकर अपनी कलात्मक रुचि का परिचय दिया। नेताओं और कलाकार के बीच यह सहज और संगीतमय संवाद हफ्ते भर चले इस महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण बन गया।
इस समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खडसे, मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, एमएलसी संजय भेंडे, विधायक कृष्णा खोपड़े, प्रवीण दटके और नागपुर की मेयर नीता ठाकरे जैसे कई गणमान्य अतिथि मौजूद थे। नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पर इस आयोजन की सफलता साझा करते हुए कहा कि खासदार क्रीड़ा महोत्सव के इस आठवें संस्करण ने नागपुर को खेल के क्षेत्र में एक नई पहचान दी है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का यह सुरीला अवतार अब सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहा है। जहाँ एक तरफ राज्य की राजनीति में सोना तस्करी और राज्यसभा सीटों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, वहीं देवेंद्र फडणवीस का यह बेफिक्र अंदाज चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि क्या देवेंद्र फडणवीस के इस सुरीले अंदाज पर उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी कोई प्रतिक्रिया देते हैं या यह शाम केवल एक खुशनुमा याद बनकर ही रह जाएगी।