

Opposition Disunity Delhi Meet: विपक्षी गठबंधन INDI ब्लॉक की 8 जून को दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने वाली है। अप्रैल में संपन्न हुए पांच विधानसभा चुनावों के बाद यह पहली बड़ी बैठक है। पिछले विधानसभा चुनावों में विपक्षी दलों को मिली हार के बाद यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है, लेकिन बैठक से पहले सहयोगी दलों के बीच मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं।
वहीं, बैठक को लेकर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर जानकारी साझा की है। उन्होंने पोस्ट में लिखा, भारत की तरह INDIA जनबंधन अपनी विविधता के साथ एकजुट होकर खड़ा है।
तृणमूल कांग्रेस की मुखिया और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच गईं हैं। उन्होंने 8 जून को होने वाली इस बैठक पर मजबूत समर्थन दिखाया है। ममता बनर्जी के दिल्ली पहुंचते ही दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उनसे मुलाकात भी किया। गर्मजोशी भरी बातचीत के बाद ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने कहा, कि जब भारत के लोग एकजुट होते हैं, तो दुनिया की कोई भी ताकत उन्हें 2029 में न्याय, सम्मान और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने से नहीं रोक सकती।
सोमवार को होने वाली बैठक में ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव समेत विपक्ष के कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
विपक्षी दलों की बैठक का आधिकारिक एजेंडा अभी तक जारी नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि बैठक में कई राष्ट्रीय और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होगी।कांग्रेस नेता जयराम रमेंस ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि जांच एजेंसियों के जरिए विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही हैं, करोड़ों भारतीयों की रोजी-रोटी को गंभीर नुकसान पहुंचा रही हैं।
लगातार महंगाई के जरिए घरेलू बजट को बिगाड़ रही हैं, लाखों युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं के साथ विश्वासघात कर रही हैं, निवेश के माहौल को कमजोर कर रही हैं और अपनी विदेश नीति के जरिए राष्ट्रीय हितों से समझौता कर रही हैं।
कांग्रेस ने बैठक में 23 दलों के बैठक में शामिल होने की पुष्टि की है। इसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा, नेशनल कॉन्फ्रेंस, माकपा, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी), पीडीपी, राजद, भाकपा, टीवीके जैसे प्रमुख दल शामिल हैं। इसके अलावा आरएसपी, वीसीके, एमडीएमके, भाकपा-माले, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, असम जातीय परिषद समेत कई अन्य छोटे दलों ने इस बैठक में शामिल होने के संकेत दिए हैं। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि बैठक में केवल 15 विपक्षी दलों ने ही भाग लेने के संकेत दिए हैं।
बैठक से पहले CPI(M) ने भी कांग्रेस को निशाने पर लिया है। विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा से सांठगांठ के आरोप लगाए जाने के बाद से ही दोनों दलों के बीच तनाव बढ़ा है। तनाव के बावजूद CPI(M) ने दिल्ली में बैठक में शामिल होने का फैसला किया है। ऐसे में माना जा रहा है कि बैठक के दौरान यह मुद्दा बैठक में उठा सकती है।
बैठक से पहले विपक्षी गठबंधन में मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं। कांग्रेस की सहयोगी दल रही DMK के बैठक में शामिल होने सस्पेंस लगातार बना हुआ है। कांग्रेस के TVK सरकार में शामिल होने पर DMK ने 'विश्वासघात' का आरोप लगाया है। इसी प्रकार AAP के भी बैठकों से दूरी बनाने की खबर आ रही है।
दिल्ली में 8 जून को INDI गठबंधन की बैठक को लेकर भाजपा ने विपक्ष पर निशाना साधा है। BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने गठबंधन को बिना किसी विजन का बताया और कहा कि यह सिर्फ कन्फ्यूजन है।