ईरान-इजरायल जंग के बाद पहली बार दिखे खामनेई, युद्ध के समय कहां थे उठे कई सवाल
ईरान के सर्वोच्च नेता खामनेई 13 जून के बाद पहली बार अशूरा के धार्मिक कार्यक्रम में सार्वजनिक रूप से नजर आए, जहां उन्होंने भीड़ के बीच काले कपड़ों में हाथ हिलाया।
- Written By: सौरभ शर्मा
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामनेई (फोटो- सोशल मीडिया)
ईरान-इजरायल युद्ध के बाद पहली बार देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामनेई सार्वजनिक तौर पर दिखाई दिए हैं। शनिवार को उन्हें एक धार्मिक समारोह में भाग लेते हुए देखा गया, जहां वे काले कपड़ों में भीड़ के बीच हाथ हिलाते नजर आए। गौरतलब है कि 13 जून से वे सार्वजनिक जीवन से पूरी तरह गायब थे, जिससे उनकी सेहत और सुरक्षा को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं। उनकी यह वापसी ऐसे समय में हुई है जब पूरा ईरान युद्ध के घावों से उबरने की कोशिश कर रहा है।
खामनेई की यह उपस्थिति अशूरा के अवसर पर हुई, जो शिया मुस्लिम समुदाय के लिए बेहद भावनात्मक दिन होता है। इस दिन पैगंबर मोहम्मद के पोते इमाम हुसैन की शहादत को याद किया जाता है। सरकारी मीडिया ने खामनेई की यह तस्वीरें जारी कर लोगों को यह संदेश दिया कि देश का सर्वोच्च नेतृत्व फिर से सक्रिय है।
युद्ध के दौरान कहां थे खामनेई
सूत्रों के मुताबिक, खामनेई युद्ध के दौरान 12 दिनों तक एक विशेष सुरक्षा बंकर में रहे। इस दौरान उनका बाहरी दुनिया से संपर्क बेहद सीमित रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इस दौरान खामनेई को सत्ता से हटाने तक की बातें की थीं। ट्रंप ने तो उन्हें आसान निशाना तक बताया था, जबकि नेतन्याहू ने कहा था कि खामनेई की मृत्यु से यह युद्ध समाप्त हो सकता है। हालांकि, खामनेई ने ईरान-इजरायल युद्ध को ईरान की जीत करार देते हुए कतर की मध्यस्थता को सराहा।
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भारी तबाही, बढ़ता तनाव
इस युद्ध में ईरान के 650 से अधिक नागरिकों की मौत हुई, जबकि 3000 से ज्यादा लोग घायल हुए। वहीं, इजरायल में 30 मौतों और 600 से ज्यादा लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई। अमेरिका ने इस संघर्ष के दौरान ईरान की तीन न्यूक्लियर साइट्स पर बंकर बस्टर बम और B2 स्टील्थ फाइटर जेट्स से हमला किया। जवाब में ईरान ने कतर स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाया, जिसके बाद कतर ने दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने के लिए मध्यस्थता शुरू की।
