अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और खामनेई।
US and Iran Tension: ईरान और अमेरिका के तनाव में गुरुवार को नरमी के संकेत मिले हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी देने की योजना को टाला है। वहीं, तेहरान के एक मंत्री ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों को फांसी नहीं दी जाएगी। मगर, अब भी ईरान में अमेरिका के हमले की आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता है। अगर, अमेरिका ईरान में हमले करता है तो उसके निशाने पर क्या होगा? अमेरिकी फोर्स किन हथियारों का इस्तेमाल कर सकती है? सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका की सबसे बड़ी चुनौती है कि वह बिना आम लोगों को निशाना बनाए ईरान की सरकार और सेना पर हमला करे।
ऑस्ट्रेलिया के ग्रिफिथ एशिया इंस्टीट्यूट के विज़िटिंग फेलो पीटर लेटन ने संभावित आम लोगों के मारे जाने के बारे में सावधानी बरतने की बात दोहराई है। उन्होंने कहा है कि नेताओं के घरों और ऑफिस पर हमला करने से संदेश जाएगा। ईरानी नेतृत्व और आईआरजीसी के पास पूरे देश में कई तरह के कमर्शियल बिजनेस और पैसे कमाने वाले उद्यम हैं। उन खास सुविधाओं पर हमला करे, जो आम लोगों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि जून 2025 में परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमले में B-2 बॉम्बर सबसे आगे थे। अभी हालात अलग हैं। अमेरिका के दूसरे हथियार अधिक सही हो सकते हैं। क्षेत्रीय IRGC मुख्यालयों और ठिकानों पर (टॉमहॉक मिसाइल) क्रूज मिसाइलों से हमला किया जा सकता है।
बेहद सटीक टॉमहॉक मिसाइलों को अमेरिकी नौसेना की पनडुब्बियों और सतह के जहाजों से ईरानी तटों से बहुत दूर से दागा जा सकता है।
एक और क्रूज मिसाइल का ऑप्शन जॉइंट एयर टू सरफेस स्टैंडऑफ मिसाइल (JASSM) है। 453 किलो का वॉरहेड ले जाने वाली और 1000 किलोमीटर की रेंज वाली JASSM को ईरानी तटों से काफी दूर से अमेरिकी वायु सेना के कई जेट विमानों (F-15, F-16, F-35 फाइटर और B-1, B-2, B-52 बॉम्बर, F/A-18 फाइटर) से दागा जा सकता है।
यह भी पढ़ें: ट्रंप का ‘टैरिफ बम’: ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर लगेगा 25% टैक्स, वैश्विक बाजारों में खलबली
विश्लेषकों का कहना है कि ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। लेटन ने कहा कि चालक दल वाले विमानों द्वारा कम दूरी के हथियार या फ्री फॉल बम गिराने की संभावना कम है, क्योंकि इसे बहुत जोखिम भरा माना जाएगा।