इस मुस्लिम देश में मिले एलियन के निशान! 8000 साल पुरानी मिली दुर्लभ खोपड़ी, एक्सपर्ट हुए हैरान
कुवैत के सुबिया क्षेत्र में खुदाई के दौरान अजीब सी मिट्टी से बनी एक सिर की आकृति मिली है, जो करीब 8000 साल पुरानी मानी जा रही है। वहां के लोगों का कहना है कि यहां पर कभी एलियन रहते थे या फिर एलियन 8 हजार साल पहले आए थे।
- Written By: अमन उपाध्याय
एलियन के सांकेतिक फोटोः ( सो. सोशल मीडिया )
कुवैत सिटीः कुवैत के सुबिया क्षेत्र में खुदाई के दौरान अजीब सी मिट्टी से बनी एक सिर की आकृति मिली है, जो करीब 8000 साल पुरानी मानी जा रही है। इस खोज ने आर्कियोलॉजिस्ट और रिसर्चरों को एक बड़ी हैरानी में डाल दिया है। अब उनको ये समझ नहीं आ रहा है कि ये कैसे बनी होगी। वारसॉ यूनिवर्सिटी और कुवैती-पोलिश ऐतिहासिक मिशन ने बताया कि यह आकृति बहरा-1 नाम के पुरातात्त्विक स्थल पर मिली है। बहरा-1 को अरब प्रायद्वीप की सबसे पुरानी और बड़ी बस्तियों में से एक माना जाता है।
इसके मिलने के बाद, वहां के रहने वाले लोग ये कयास लगा रहे हैं कि ये आकृति एलियन की हो सकती है। अगर ये सही है तो करीब 8 हजार साल पहले एलियन या तो यहां आए थे या फिर यही रहते थे।
वारसॉ विश्वविद्यालय के बयान में इस खुदाई की सबसे उल्लेखनीय खोजों में से एक बताया गया है। यह आकृति प्राचीन मेसोपोटामिया के उबैद काल की है, जो कांस्य युग से पहले का समय है। आर्कियोलॉजिस्ट का कहना है कि यह मूर्ति छठी सहस्राब्दी ईसा पूर्व में बनाई गई थी। इसकी खासियत है इसकी लंबी खोपड़ी, तिरछी आंखें और चपटी नाक, जो इसे अनोखा बनाती हैं। यह आकृति उस समय की अन्य उबैद मूर्तियों से अलग दिखती है। जिसके बाद यह कहा जा सकता है कि यह 7,000 से 8,000 साल पुरानी है।
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प्राचीन सभ्यता का अद्भुत केंद्र
बहरा-1 एक खास पुरातात्विक स्थल है, जो अरब नवपाषाण समाजों और उबैद संस्कृति के बीच सांस्कृतिक संबंधों को समझने में मदद करता है। उबैद संस्कृति मेसोपोटामिया से लेकर अनातोलिया तक फैली हुई है। यह स्थल प्राचीन मिट्टी के बर्तनों के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। खुदाई के दौरान यहां मिट्टी के बर्तनों में पौधों के निशान भी मिले हैं। जिसके बाद से ये निशान इस क्षेत्र की प्राचीन सभ्यता और उनके जीवनशैली के बारे में नई जानकारियां देते हैं।
शुरुआती अध्ययन में मिले ये सारे निशान
कुवैत के बहरा-1 नामक स्थल पर पुरातत्वविदों ने एक महत्वपूर्ण खोज की है। डॉक्टर रोमन होवसेपियन ने बताया कि शुरुआती अध्ययन में वहां की मिट्टी के बर्तनों में जंगली पौधों के निशान मिले हैं। यह खोज स्थानीय जीवन और संस्कृति के बारे में नई जानकारी देती है। कुवैती-पोलिश पुरातात्विक मिशन इस स्थल पर अध्ययन जारी रखने की योजना बना रहा है।
