इंडिगो का रेस्क्यू शुरू (सोर्स-सोशल मीडिया)
Air India IndiGo Middle East Flights: पश्चिम एशिया में तेजी से बढ़ते सैन्य तनाव और युद्ध जैसे खतरनाक हालातों ने अब अंतरराष्ट्रीय हवाई सफर पर भी बहुत गहरा असर डालना शुरू कर दिया है। हवाई क्षेत्र में बढ़ते जोखिम और यात्रियों के साथ-साथ विमान कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए भारतीय एयरलाइंस ने अब कुछ कड़े और जरूरी फैसले लिए हैं। एयर इंडिया और इंडिगो जैसी प्रमुख विमानन कंपनियों ने अपनी नियमित उड़ानों के संचालन में बड़े बदलाव किए हैं ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। इन एयरलाइंस का मुख्य उद्देश्य युद्धग्रस्त क्षेत्रों के हवाई रास्तों से बचते हुए सभी यात्रियों को उनके सुरक्षित ठिकानों तक सकुशल और सही समय पर पहुंचाना है।
मिडिल ईस्ट के देशों में लगातार बढ़ती सैन्य हलचल और बिगड़ते सुरक्षा हालातों ने अब अंतरराष्ट्रीय विमानन क्षेत्र में एक बड़ी चिंता और अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया है। प्रमुख विमानन कंपनी एयर इंडिया ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए यूएई, सऊदी अरब, इजरायल और कतर जाने वाली अपनी लगभग सभी उड़ानें 4 मार्च तक निलंबित कर दी हैं। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि युद्ध जैसे इन अनिश्चित हालातों के बीच अपने मासूम यात्रियों और केबिन क्रू की जान की सुरक्षा को वे सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं।
इस आकस्मिक निलंबन के कारण विभिन्न हवाई अड्डों पर फंसे हुए यात्रियों की परेशानी को समझते हुए एयरलाइन ने कई महत्वपूर्ण और राहत भरे उपायों की घोषणा की है। प्रभावित ग्राहकों को अब बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टिकट रद्द करने पर पूरा रिफंड दिया जा रहा है या वे अपनी मर्जी से यात्रा की नई तारीख चुन सकते हैं। किसी भी तरह की पूछताछ या उड़ान की ताजा स्थिति जानने के लिए यात्रियों को हेल्पलाइन नंबर +911169329333 और +911169329999 पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।
संकट की इस घड़ी में खाड़ी देशों में फंसे हुए भारतीय नागरिकों और अन्य यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए इंडिगो एयरलाइन ने मंगलवार से अपना विशेष अभियान शुरू किया है। कंपनी ने जेद्दा की ओर अपनी चार विशेष उड़ानें रवाना कर दी हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही मस्कट से भी रेस्क्यू ऑपरेशन का काम शुरू किया जाएगा। इंडिगो ने अपने बयान में कहा है कि आने वाले बुधवार से सीटों की संख्या और उड़ानों की आवृत्ति बढ़ा दी जाएगी ताकि फंसे हुए लोगों को जल्द राहत मिल सके।
उत्तरी अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप जैसे महत्वपूर्ण गंतव्यों की लंबी दूरी की उड़ानों के लिए भी भारतीय एयरलाइंस ने अब विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल और एहतियाती कदम अपनाए हैं। किसी भी अनहोनी से बचने के लिए ये विमान अब मध्य पूर्व के तनावपूर्ण एयरस्पेस के बजाय अन्य देशों के सुरक्षित रास्तों का उपयोग करके अपनी मंजिल तक पहुंच रहे हैं। हवाई रास्तों में इस बदलाव के कारण यात्रा के समय में थोड़ी बढ़ोतरी जरूर हुई है लेकिन यात्रियों की सुरक्षा के लिए एयरलाइंस इसे एक अनिवार्य कदम मान रही हैं।
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विमानन विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में मस्कट, जेद्दा, मदीना और एथेंस जैसे शहरों के लिए कुल 13 रिटर्न फ्लाइट्स के माध्यम से हवाई सेवाएं बहाल की जाएंगी। हवाई क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर ही इन 26 सेक्टरों में विमानों के दोबारा संचालन की अनुमति दी जाएगी ताकि कोई जोखिम न रहे। सभी भारतीय विमानन कंपनियां इस पूरे घटनाक्रम पर गहराई से नजर बनाए हुए हैं और सुरक्षा एजेंसियों के साथ पल-पल की जानकारी साझा कर तालमेल बिठा रही हैं।