अंत हुआ 50 सालों का शासन, अहमद अल-शरा बने इस देश के अंतरिम राष्ट्रपति; पढ़िए पूरी खबर
सीरिया में राजनीतिक बदलाव के तहत बशर अल-असद के पद छोड़ने के बाद अहमद अल-शरा को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है। असद शासन के दौरान गठित संसद को भंग कर दिया गया है और देश के लिए नया संविधान बनाने की प्रक्रिया शुरू।
- Written By: अमन उपाध्याय
अहमद अल-शरा, फोटो ( सो.सोशल मीडिया )
नवभारत इंटरनेशनल डेस्क: सीरिया में पांच दशकों से चले आ रहे असद शासन का अंत हो गया है। बुधवार, 29 जनवरी को अहमद अल-शरा को देश का अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया गया और उन्हें नई विधायिका के गठन की जिम्मेदारी सौंपी गई। यह बड़ा राजनीतिक परिवर्तन उस समय हुआ जब इस्लामी विद्रोही संगठन हयात तहरीर अल-शाम (HTS) के नेतृत्व में विद्रोहियों ने 8 दिसंबर को बशर अल-असद को सत्ता से हटा दिया।
सीरिया की राज्य समाचार एजेंसी के अनुसार, सैन्य अधिकारी हसन अब्देल गनी ने घोषणा की है कि अहमद अल-शरा देश के अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालेंगे और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सीरिया का प्रतिनिधित्व करेंगे।
अस्थायी विधान परिषद का होगा गठन
अहमद अल-शरा के सत्ता में आने के बाद 2012 के संविधान को निलंबित कर दिया गया है और असद सरकार की संसद को भंग कर दिया गया है। अब नई अस्थायी विधान परिषद का गठन किया जाएगा। अहमद अल-शरा ने कहा कि उनकी प्राथमिकता देश में शांति बहाल करना, सरकारी संस्थानों का पुनर्निर्माण करना और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करना होगी।
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HTS के नेता के रूप में किया काम
सीरिया में अहमद अल-शरा को अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में चुना गया है। वह 2017 से हयात तहरीर अल-शाम (HTS) के नेता के रूप में कार्यरत थे। यह संगठन अल-कायदा से अलग हुआ एक विद्रोही गुट है, जिसने 2024 में बशर अल-असद को सत्ता से हटा दिया। HTS का गठन 2016 में अल-नुसरा फ्रंट से अलग होकर हुआ था और इसने उत्तर-पश्चिमी इदलिब को अपना मुख्य केंद्र बना लिया था। संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन ने HTS को एक आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है।
सेना और सुरक्षा एजेंसियां भंग, नए तंत्र की तैयारी
सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद के शासन के साथ-साथ वहां की सेना और सरकारी एजेंसियां प्रभावी रूप से खत्म हो गई हैं। इस मौके पर अब्देल गनी ने घोषणा की कि असद की सेना और सुरक्षा एजेंसियों को भंग कर दिया जाएगा। इसके अलावा, सभी सशस्त्र गुटों और राजनीतिक संगठनों को राज्य संस्थानों में समाहित किया जाएगा। इसके तहत, सीरियाई सेना का पुनर्गठन किया जाएगा और एक नया सुरक्षा तंत्र स्थापित किया जाएगा, जिससे देश की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को नए सिरे से संगठित किया जा सके।
सीरिया में बड़ा राजनीतिक बदलाव
सीरिया में दशकों से सत्ता में रही बाथ पार्टी को भंग कर दिया गया है। सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, नई सरकार ने देश में राजनीतिक सुधारों की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत समावेशी शासन व्यवस्था को लागू करने पर जोर दिया जा रहा है। यह कदम सीरिया के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन माना जा रहा है।
संविधान निर्माण और चुनाव प्रक्रिया में लग सकता है समय
देश के नए अंतरिम राष्ट्रपति शरा ने कहा है कि संविधान को दोबारा तैयार करने की प्रक्रिया में करीब तीन साल लग सकते हैं। इसके अलावा, चुनावों की पूरी प्रक्रिया संपन्न होने में चार साल तक का समय लग सकता है। हालांकि, अब तक इन मुद्दों पर चर्चा के लिए किसी राष्ट्रीय सम्मेलन या कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
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HTS की नई रणनीति पर नजर
बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद, पश्चिमी देशों ने सीरिया में एक समावेशी परिवर्तन की मांग की है। अमेरिका समेत कई देशों ने हयात तहरीर अल-शाम (HTS) को एक आतंकवादी संगठन घोषित किया है। हालांकि, हाल के दिनों में HTS ने अपनी कट्टरपंथी विचारधारा को थोड़ा नरम किया है और सीरिया के धार्मिक व जातीय अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की बात कही है। इस बीच, पश्चिमी देशों के राजनयिकों का एक प्रतिनिधि मंडल सीरिया का दौरा कर रहा है ताकि नई सरकार के साथ बातचीत कर आगे की रणनीति तय की जा सके।
क्या नई सरकार बहाल कर पाएगी शांति?
सीरिया में 2011 में असद सरकार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद भड़के गृहयुद्ध ने देश को भारी तबाही झेलने पर मजबूर कर दिया। इस संघर्ष में अब तक 5 लाख से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद अब असद शासन समाप्त हो चुका है, जिससे देश में नई सरकार का गठन हुआ है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या नई सरकार युद्धग्रस्त सीरिया में स्थिरता और शांति स्थापित कर पाएगी?
