अफगानिस्तान में कुदरत का कहर, फोटो (सो. एआई डिजाइन)
Afghanistan Latest News In Hindi: अफगानिस्तान के कई प्रांतों में बीते तीन दिनों से हो रही भारी बारिश और बर्फबारी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। अचानक आई बाढ़ की चपेट में आकर अब तक कम से कम 12 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 11 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। यह जानकारी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के प्रवक्ता हाफिज मोहम्मद यूसुफ हम्माद ने गुरुवार को दी।
एनडीएमए के अनुसार, कपिसा, परवान, दयकुंडी, उरुजगान, कंधार, हेलमंद, बदघीस, फरयाब, बदख्शां, हेरात और फराह समेत कुल 11 प्रांत इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में नदियां उफान पर आ गईं, जिससे गांवों में पानी भर गया और सैकड़ों परिवारों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा।
बाढ़ के कारण बड़े पैमाने पर संपत्ति और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, करीब 1,859 घर पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इसके अलावा, लगभग 209 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें बह गई हैं, जिससे कई दूरदराज़ इलाके संपर्क से कट गए हैं। कृषि क्षेत्र को भी भारी नुकसान हुआ है। करीब 13,941 एकड़ कृषि भूमि जलमग्न या पूरी तरह नष्ट हो गई है, जिससे किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
पशुपालन पर निर्भर ग्रामीण समुदायों के लिए स्थिति और भी चिंताजनक है। बाढ़ में लगभग 1,200 पशुओं की मौत हो चुकी है। एनडीएमए के प्रवक्ता हम्माद ने बताया कि प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव दल भेज दिए गए हैं। पीड़ित परिवारों को आपात खाद्य सामग्री, अस्थायी आश्रय और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही नुकसान का विस्तृत आकलन भी किया जा रहा है।
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओचा) ने अफगानिस्तान के लिए वर्ष 2026 की मानवीय जरूरतों और प्रतिक्रिया योजना शुरू कर दी है। ओचा ने 2026 के लिए 1.71 अरब अमेरिकी डॉलर की सहायता की अपील की है। संगठन के अनुसार, अगले साल लगभग 2.19 करोड़ अफगान नागरिकों को मानवीय सहायता की जरूरत होगी।
हालांकि यह संख्या 2025 की तुलना में करीब चार प्रतिशत कम है लेकिन खाद्य संकट अब भी गंभीर बना हुआ है। अनुमान है कि 2026 में 1.74 करोड़ लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना करेंगे जिनमें से 47 लाख लोग आपात स्थिति यानी आईपीसी फेज-4 में होंगे।
ओचा ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र और उसके साझेदार 2026 में सबसे अधिक जरूरतमंद करीब 80 प्रतिशत लोगों, यानी लगभग 1.75 करोड़ लोगों तक सहायता पहुंचाने को प्राथमिकता देंगे। इस सहायता में भोजन, आश्रय, स्वास्थ्य सेवाएं, पोषण, स्वच्छ पानी, स्वच्छता और नकद सहायता शामिल होगी।
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संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, अफगानिस्तान में मानवीय स्थिति अब भी बेहद नाजुक है। जलवायु परिवर्तन से जुड़ा सूखा, बार-बार आने वाली बाढ़ और भूकंप, बीमारियों का प्रकोप, महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा से जुड़े जोखिम और ईरान व पाकिस्तान से बड़ी संख्या में लौट रहे शरणार्थियों ने संकट को और गहरा कर दिया है। अकेले साल 2025 में ही 26.1 लाख से अधिक अफगान नागरिकों की वापसी हुई, जिससे स्थानीय संसाधनों और सेवाओं पर भारी दबाव पड़ा है।