कराची में बवाल: बुनियादी सुविधाओं के लिए प्रदर्शन, पुलिस ने की लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े
Civic Issues Pakistan: कराची में बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर जमात-ए-इस्लामी के प्रदर्शन पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। रेड जोन में घुसने की कोशिश के बाद 10 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।
- Written By: प्रिया सिंह
कराची में जमात-ए-इस्लामी के प्रदर्शन पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज (सोर्स-सोशल मीडिया)
Pakistan Civic Rights Movement: पाकिस्तान नागरिक अधिकार आंदोलन के तहत कराची की सड़कों पर शनिवार को भारी विरोध प्रदर्शन और पुलिस के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ताओं ने शहर की जर्जर सड़कों और खराब ड्रेनेज व्यवस्था के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते हुए सिंध असेंबली का घेराव किया। इस दौरान सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने सख्त बल प्रयोग किया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य
जमात-ए-इस्लामी ने ‘जीने दो कराची को’ अभियान के जरिए शहर की बदहाल स्थिति को उजागर करने के लिए इस विशाल मार्च का आयोजन किया था। कार्यकर्ताओं की मांग थी कि स्थानीय निकाय व्यवस्था को मजबूत किया जाए और निवासियों को उनके बुनियादी नागरिक अधिकार प्रदान किए जाएं। उन्होंने सरकार पर शहर के विकास की अनदेखी करने और ड्रेनेज जैसी गंभीर समस्याओं का समाधान न करने का आरोप लगाया।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
जैसे ही प्रदर्शनकारी सिंध असेंबली की ओर बढ़े, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड्स लगा दिए जिसके बाद वहां माहौल अचानक काफी तनावपूर्ण हो गया। पुलिस का दावा है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने रेड जोन में जबरन घुसने की कोशिश की और अधिकारियों पर पत्थरबाजी की जिससे स्थिति बिगड़ गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने उन पर आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज करना शुरू कर दिया।
सम्बंधित ख़बरें
Trump Cuba Tension: अमेरिका और क्यूबा में बढ़ा तनाव, कैरेबियन सागर पहुंचा अमेरिकी नेवी का युद्धपोत
Iran Conflict: ट्रंप और नेतन्याहू के बीच तीखी बहस! फोन कॉल पर ईरान मुद्दे को लेकर आपस में भिड़े
Canada Energy: दुनिया के ऊर्जा संकट का समाधान बनेगा कनाडा, पीएम मार्क कार्नी ने दिया बड़ा बयान
Canada Cricket: क्रिकेट कनाडा अध्यक्ष अरविंदर खोसा के घर पर फायरिंग, पुलिस को रंगदारी का शक
गिरफ्तारी और घायल लोग
इस हिंसक झड़प के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जमात-ए-इस्लामी के कम से कम 10 कार्यकर्ताओं को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। प्रशासन ने पार्टी द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे साउंड सिस्टम को भी अपने कब्जे में ले लिया ताकि विरोध की आवाज को दबाया जा सके। लाठीचार्ज और पत्थरबाजी में एक पार्टी कार्यकर्ता के साथ-साथ कुछ पुलिसकर्मियों को भी मामूली चोटें आई हैं जिनका इलाज कराया गया।
प्रशासन का आधिकारिक रुख
सिंध के सूचना मंत्री ने मीडिया को बताया कि प्रशासन ने पार्टी को केवल शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने की स्पष्ट अनुमति दी थी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को पहले ही चेतावनी दी गई थी कि वे किसी भी कीमत पर रेड जोन में प्रवेश करने का प्रयास न करें। मंत्री के अनुसार किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी और शांति व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है।
विपक्ष का कड़ा विरोध
जमात-ए-इस्लामी के कराची अध्यक्ष मुनीम जफर ने पुलिस की इस बर्बर कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद केवल जनता के हक की आवाज उठाना था, लेकिन पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हमला कर अन्याय किया है। जफर के अनुसार बातचीत की कोशिशों के बावजूद प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था।
यह भी पढ़ें: रूसी तेल पर भारत का कड़ा रुख: जयशंकर ने कहा, दबाव में नहीं अपने हित में लेंगे फैसले
भविष्य की चेतावनी
शहर में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि फिर से ऐसी किसी भी अप्रिय घटना या हिंसा को पूरी तरह से रोका जा सके। जमात-ए-इस्लामी ने संकेत दिए हैं कि वे अपने नागरिक अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे और पुलिस के अत्याचार के सामने नहीं झुकेंगे। कराची की जनता अब इस राजनीतिक टकराव और शहर की समस्याओं के स्थायी समाधान की उम्मीद सरकार से लगा रही है।
