फिदायीन अटैक से दहला पूर्वी पाकिस्तान; खैबर पख्तूनख्वा में 8 की मौत, उड़ गई शहबाज शरीफ की नींद
पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शनिवार को एक पुलिस चौकी को निशाना बनाकर आत्मघाती हमला किया गया। हमले में छह कानून प्रवर्तन कर्मियों समेत कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है।
- Written By: अभिषेक सिंह
चेक पोस्ट पर हमले के बाद का दृश्य (सोर्स-सोशल मीडिया)
लाहौर: पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शनिवार को एक पुलिस चौकी को निशाना बनाकर आत्मघाती हमला किया गया। हमले में छह कानून प्रवर्तन कर्मियों समेत कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। जिन्हें मीरानशाह अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। जिसमें कई की हालत नाजुक बताई जा रही है। यही वजह कि मृतकों की संख्या में इजाफे की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, यह धमाका अफगानिस्तान की सीमा से लगे उत्तरी वजीरिस्तान कबायली जिले की मीर अली तहसील में असलम चेक पोस्ट पर हुआ। तिपहिया वाहनों पर सवार होकर आए आतंकियों ने चेक पोस्ट और सुरक्षा बलों की गाड़ियों को टक्कर मार दी। इस घटना में चार पुलिसकर्मियों, दो सैनिकों और दो नागरिकों समेत आठ लोगों की मौत हो गई। विस्फोट में घायल हुए कई लोगों को मीरान शाह अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से पाकिस्तान में आतंकवाद बढ़ गया है। खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान की सीमा से लगे प्रांतों में सबसे ज्यादा आतंकवादी घटनाएं सामने आई हैं। इस महीने उत्तरी वजीरिस्तान जिले में सुरक्षा बलों द्वारा आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान करीब एक दर्जन आतंकवादी मारे गए।
90 फीसदी बढ़ी हिंसक घटनाएं
इस महीने की शुरुआत में सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज (CRSS) थिंक टैंक ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 की तीसरी तिमाही में आतंकवादी हिंसा और आतंकवाद विरोधी अभियानों में मौतों में तेज वृद्धि देखी गई, देश में हिंसा में 90 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
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इस साल की तीन तिमाहियों में कुल मौतें पूरे 2023 में दर्ज की गई कुल मौतों से अधिक थीं, जिसमें आम नागरिक, सुरक्षाकर्मी और अपराधी समेत 722 मौतें हुईं। इनमें से करीब 97 प्रतिशत मौतें खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में हुईं, जो एक दशक में सबसे अधिक प्रतिशत है।
