बांग्लादेश की जेल से 2700 कैदी फरार, आतंकवादी-खूंखार अपराधी शामिल, सरकार की हालत खराब
Bangladesh News: बांग्लादेश में जुलाई 2024 के जेल विद्रोह के दौरान 2,700 कैदी फरार हो गए, जिनमें से अब भी 700 लापता हैं; इनमें कई आतंकवादी और फांसी या उम्रकैद की सजा पाए अपराधी शामिल हैं।
- Written By: अक्षय साहू
सांकेतिक तस्वीर
2700 Prisoner Escaped Bangladesh Jail: बांग्लादेश से हैरान करने वाले मामला सामने आया है। पिछले एक साल में यहां की जेलों से 2, 700 कैदी फरारा हो चुके हैं। फरार हुए कैदियों में आंतकवादी और गंभीर आपराध में सजा काट रहे कैदी थी। हालांकि इनमें के अधिकतर कैदी अपनी इच्छा से वापस आ गए थे। लेकिन अभी भी 700 कैदी ऐसे हैं जिनका कोई अता-पता नहीं है। इसके खुलासे के पूरे देश में हड़कंप मच गया।
बांग्लादेश के शीर्ष जेल अधिकारी ने बताया कि जुलाई 2024 में हुए विद्रोह के दौरान भागे लगभग 2,700 कैदियों में से अब भी करीब 700 कैदी फरार हैं। इनमें कुछ फांसी की सजा पाए दोषी और कई इस्लामी आतंकवादी भी शामिल हैं। जेल महानिरीक्षक (आईजी) ब्रिगेडियर जनरल सैयद मुताहर हुसैन ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के समय जेलों से बड़ी संख्या में कैदी फरार हो गए थे।
नौ इस्लामी आतंकवादी फरार
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जनरल हुसैन ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि, “फरार कैदियों में नौ इस्लामी आतंकवादी और 69 ऐसे दोषी शामिल हैं जिन्हें मृत्युदंड या आजीवन कारावास की सजा मिली है।” हुसैन ने कहा कि, पुलिस फरार कैदियों को लगातार ढूंढने के लिए अभियान चला रही है। इसके अलावा कई कैदी अपनी इच्छा से जेल वापस आ गए हैं। क्योंकि उनकी सजा पहले ही पूरी हो गई थी, और वो जेल से भागने के आरोप में अपनी सजा नहीं बढ़वाना चाहते थे।
इससे पहले गृह मामलों के सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) जहांगीर आलम चौधरी ने भी पुष्टि की थी कि सात महीने बीतने के बावजूद 700 कैदी अब भी जेल से बाहर हैं। जेल अधिकारियों ने बताया कि कई साधारण कैदी स्वेच्छा से लौट आए, क्योंकि वे अपनी सजा पूरी कर चुके थे और जेल से भागने के आरोप से बचना चाहते थे ताकि उनकी सजा और न बढ़े।
सरकार ने बढ़ाई सुरक्षा
इस घटना के बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने जेल सुधार की दिशा में अहम कदम उठाए हैं। ब्रिगेडियर हुसैन ने बताया कि सरकार ने अब जेलों को ‘सुधार केंद्र’ कहने का निर्णय लिया है और ‘जेल विभाग’ का नाम बदलकर ‘करेक्शन सर्विसेज बांग्लादेश’ रखने की योजना बनाई है। यह परिवर्तन व्यापक सुधार और जेल प्रणाली के आधुनिकीकरण का हिस्सा है।
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प्रस्तावित नए कानून के तहत जेल परिसरों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित सीसीटीवी कैमरों की स्थापना की जाएगी, साथ ही सुरक्षा कर्मियों के लिए बॉडी कैमरों के उपयोग का प्रावधान भी किया गया है।
