इन्हें अंडरवियर में...गाजा के सुरंग में फंसे 200 हमास लड़ाके, IDF ने बंद किया रास्ता, आफत में जान

Israel-Hamas War: गाजा के राफा बॉर्डर पर करीब 200 हमास लड़ाके सुरंगों में फंसे हैं। इजरायल उन्हें सुरक्षित बाहर निकलने की अनुमति नहीं देगा और किसी समझौते से इनकार कर रहा है।
इन्हें अंडरवियर में...गाजा के सुरंग में फंसे 200 हमास लड़ाके, IDF ने बंद किया रास्ता, आफत में जान
सुरंग के बाहर तैनात इजरायली सैनिक (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Hamas Fighters Rafah Tunnel Gaza: गाजा के राफा बॉर्डर के पास करीब 200 हमास लड़ाके कई महीनों से एक सुरंग में फंसे हुए हैं। इजरायली मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ये लड़ाके मार्च 2025 से सुरंगों के अंदर हैं और बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। इजरायली सेना (IDF) ने इन सुरंगों के बाहर निकलने वाले रास्तों को बंद कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, ये सुरंगें गाजा के उस हिस्से में हैं जो फिलहाल इजरायल के नियंत्रण में है।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी हमास सदस्य को सुरक्षित निकलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि इजरायल लड़ाकों के आत्मसमर्पण करने पर उन्हें रिहा कर सकता है। उनके कार्यालय ने इस दावे को गलत बताते हुए कहा कि किसी भी हमास लड़ाके को माफी या सुरक्षित बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

हमास से कोई समझौता नहीं: आईडीएफ

वहीं, इजरायली सेना के चीफ ऑफ स्टाफ एयाल जमीर ने कहा है कि सेना हमास से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। उनके अनुसार, यदि लड़ाके पकड़े जाते हैं, तो उन्हें अंडरवियर में सीधे सैन्य ठिकाने ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि, अगर ये लड़ाके सुरंगों से बाहर आने या पीछे हटने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें तुरंत पकड़ लिया जाएगा।

रिपोर्टों के अनुसार, इन पकड़े गए या संदिग्ध लड़ाकों को नेगेव रेगिस्तान में स्थित सदे तेइमान सैन्य ठिकाने पर ले जाया जाएगा, जो गाजा सीमा के पास है। यह ठिकाना 2023 के बाद से गाजा से गिरफ्तार किए गए लोगों को रखने और पूछताछ के लिए उपयोग किया जा रहा है। कुछ मीडिया सूत्रों के अनुसार, इस ठिकाने में हजारों फिलिस्तीनी कैदी मौजूद हैं।

सीजफायर के अगले चरण को लेकर संशय

जमीर ने सरकार को सुझाव दिया है कि जब तक सभी बंधकों की रिहाई और शहीद सैनिकों के शव वापस नहीं मिलते, तब तक सीजफायर प्रक्रिया के अगले चरण पर नहीं बढ़ना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि गाजा को पूरी तरह से हथियार मुक्त करने के बाद ही वहां किसी प्रकार का प्रशासनिक या नागरिक कामकाज शुरू होना चाहिए। 10 अक्टूबर को घोषित सीजफायर अब टूटने की स्थिति में है। इसी बीच, इजरायली सेना ने चेतावनी दी है कि जो कोई भी ‘येलो लाइन’ पार करेगा, उसे दुश्मन माना जाएगा।

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