कभी ममता के करीबी थे सुवेंदु अधिकारी, फिर क्यों छोड़ा दीदी का साथ? ये थी असली वजह
Suvendu Adhikari And Mamata Banerjee: कभी ममता बनर्जी के बेहद करीबी रहें सुवेंदु अधिकारी ने विधानसभा चुनाव में भवानीपुर से उन्हें हराकर अब राज्य की सत्ता के शिखर पर पहुंचने की राह में हैं।
- Written By: मनोज आर्या
सुवेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी, (कॉन्सेप्ट फोटो)
Why Suvendu Adhikari Left TMC: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज शुक्रवार, (8 मई, 2026) किसी ऐतिहासिक दिन से कम नहीं है। क्योंकि अब तक के ऐतिहास में पहली बार राज्य में भारतीय जनता पार्टी ने अपने मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान किया है। 2026 विधानसभा चुनाव मे मिली प्रचंड बहुमत के बाद बीजेपी ने सुवेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना है। अब वह पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री होंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनके नाम का ऐलान किया। वह शनिवार, 9 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
कभी टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के बेहद करीबी रहें सुवेंदु अधिकारी ने विधानसभा चुनाव में भवानीपुर से उन्हें हराकर अब राज्य की सत्ता के शिखर पर पहुंचने की राह में है। इसी बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर वो क्या वजह रही थी कि कभी ममता बनर्जी के सबसे करीबियों में से एक सुवेंदु अधिकारी ने दीदी का साथ छोड़ दिया। आइए सबकुछ विस्तार से जानते हैं।
कैसे ममता से सुवेंदु का हुआ मोहभंग?
सुवेंदु अधिकारी के ममता बनर्जी और टीएमसी से अलग होने की कहानी 26 नवंबर 2020 से शुरु हुई थी, जब उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार के तहत एक वैधानिक निकाय, हुगली नदी पुल आयोग (HRBC) के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्होंने 27 नवंबर 2020 को पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री के पद से भी इस्तीफा दे दिया। इसके पीछे अधिकारी और ममता के बीच अंदरुनी कलह बताई जाती है। हालांकि, सुवेंदु यहीं नहीं रुके।
सम्बंधित ख़बरें
पिता सांसद, भाई BJP में…आखिर कैसी है बंगाल के नए CM सुवेंदु अधिकारी की फैमिली? जानें सियासी सफर
सुवेंदु अधिकारी बनेंगे बंगाल के नए मुख्यमंत्री, विधायक दल की बैठक में लगी मुहर
ममता के बाद अखिलेश और भगवंत मान की बारी, बंगाल फतह के बाद इन 7 राज्यों पर BJP की नजर; ये है ‘मास्टरप्लान’
सुवेंदु अधिकारी के पीए को मारने बिहार से आए थे शूटर्स, 40 लाख में की थी मौत की डील, खंगाले जा रहे 80 CCTV
16 दिसंबर 2020 को उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष को विधायक के रूप में अपना इस्तीफा दे दिया था, जिसे शुरू में तकनीकी आधार पर अध्यक्ष ने स्वीकार नहीं किया था। हालांकि, इसे अंततः 21 दिसंबर 2020 को स्वीकार कर लिया गया। 17 दिसंबर 2020 को उन्होंने अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
सुवेंदु अधिकारी ने क्यों छोड़ी थी TMC?
19 दिसंबर 2020 को, वह गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी सुवेंदु भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। अधिकारी का दलबदल कथित तौर पर ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के साथ उनकी प्रतिद्वंद्विता के कारण हुआ, जिन्हें उनके उत्तराधिकारी के रूप में तैयार किया जा रहा था। उन्होंने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम विधानसभा सीट पर पश्चिम बंगाल की मौजूदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 1,956 वोटों से हराया।
यह भी पढ़ें: पिता सांसद, भाई BJP में…आखिर कैसी है बंगाल के नए CM सुवेंदु अधिकारी की फैमिली? जानें सियासी सफर
ममता बनर्जी ने नंदीग्राम के फैसले को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनाव याचिका दायर की है। 10 मई को, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सुवेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल विधानसभा में भाजपा विधायक दल का नेता घोषित किया।
