

Suvendu Adhikari Family Background: पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा का कमल खिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सुवेंदु अधिकारी को पार्टी अब बड़ा ईनाम देने जा रही है। आज कोलकाता में हुई बीजेपी विधायक दल की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुवेंदु अधिकारी को भाजपा विधायक दल का नेता घोषित किया। विधायक दल का नेता घोषित होने का मतलब है कि शपथ ग्रहण के बाद अब सुवेंदु बंगाल के मुख्यमंत्री होंगे। सुवेंदु अधिकारी के रूप में बाजपा को न केवल बंगाल बल्कि पूर्वोत्तर भारत में एक बड़ा नेता मिलेगा।
बात करें बंगाल के अगले सीएम सुवेंदु अधिकारी की तो उनके सियासी सफर के बारे में तो बहुत लोग जान रहे होंगे लेकिन उनके निजी जिंदगी की कहानी से कम ही लोग परिचित हैं। आइए जानते हैं, शुभेंदु अधिकारी के निजी जीवन से जुड़े कई अनसुनी जानकारियां।
बता दें कि सुवेंदु अधिकारी का जन्म 15 दिसंबर 1970 को पूर्वी मेदिनीपुर के कांथी में एक संपन्न राजनीतिक परिवार में ही हुआ था। उनके पिता, शिशिर अधिकारी भी बंगाल की राजनीति में एक्टिव रहे हैं। बता दें कि उनके पिता शिशिर अधिकारी तीन बार के सांसद हैं। शिशिर अधिकारी पहली बार साल 2009 की 15वीं लोकसभा के लिए चुने गए, इसके बाद साल 2014 की 16वीं लोकसभा और फिर साल 2019 17वीं लोकसभा के लिए वो एक बार फिर चुने गए। बता दें कि अधिकारी के पिता शिशिर अधिकारी ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की सलाहकार समिति, ग्रामीण विकास और पंचायती राज संबंधी स्थायी संसदीय समिति के सदस्य की भी भूमिका निभाई। सुवेंदु अधिकारी की मां का नाम गायत्री अधिकारी है।
बता दें कि सुवेंदु अधिकारी ने राजनीति की शुरुआती बारीकियां अपने परिवार से ही सीखीं। उन्होंने अपना सियासी सफर 1989 में कांग्रेस की छात्र परिषद के माध्यम से शुरू किया था। उस दौर में पूरे पश्चिम बंगाल में वामपंथी छात्र संगठनों का एकछत्र दबदबा हुआ करता था, ऐसे में एक विपक्षी छात्र नेता के रूप में अपनी जगह बनाना उनके संघर्ष और नेतृत्व क्षमता की पहली सफलता थी।
बता दें कि सुवेंदु अधिकारी ने शादी नहीं की है। उनके भाई सौमेंदु अधिकारी भी भाजपा में ही हैं। उनके एक भाई दिब्येंदु अधिकारी भी तृणमूल कांग्रेस (TMC) से सांसद रह चुके हैं। वहीं सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ देव की हत्या के बाद भी उनके भाई लगातार चर्चा में हैं।
बता दें कि 1995 में कांथी नगर पालिका में पार्षद का चुनाव लड़कर अपने चुनावी सफर की औपचारिक शुरुआत करने वाले सुवेंदु अधिकारी ने पहले ममता के साथ सियासत की और फिर उनसे ही लड़कर अपनी राजनीति चमकाई, और अब वो बंगाल में मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।
बंगाल चुनाव में नामाकंन के वक्त चुनाव आयोग में जमा किए गए सुवेंदु के हलफनामे के अनुसार, उनके पास केवल 12 हजार रुपये नकद हैं। उनके नाम पर कोई भी कार नहीं है और न ही उन्होंने किसी गहने की जानकारी दी है। हलफनामे के मुताबिक, उनकी कुल घोषित संपत्ति लगभग 85.87 लाख रुपये है। उन पर किसी तरह का कोई कर्ज भी नहीं है।