West Bengal: CAA नागरिकता छीनने नहीं देने का कानून, CM सुवेंदु ने कहा 6 महीने में निपटेंगे सभी लंबित आवेदन
CAA West Bengal: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता के न्यू टाउन में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि CAA नागरिकता देने का कानून है। उन्होंने सभी लंबित आवेदन अगले छह महीने में निपटाने का दावा किया।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी,(सोर्स-आईएएनएस)
West Bengal Suvendu Adhikari Citizenship Amendment Act: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि यह कानून किसी की नागरिकता छीनने के लिए नहीं, बल्कि पात्र लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने के लिए बनाया गया है। कोलकाता के न्यू टाउन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उत्तर 24 परगना जिले के मतुआ समुदाय के 300 लोगों को भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र वितरित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में सीएए के तहत लंबित सभी आवेदनों का निपटारा अगले छह महीनों के भीतर कर दिया जाएगा।
उन्होंने लोगों से अपील की कि जो भी पात्र हैं, वे बिना किसी भ्रम के अधिनियम के तहत आवेदन करें। अधिकारी ने कहा कि अब तक राज्य में बड़ी संख्या में नागरिकता प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं और आने वाले महीनों में यह प्रक्रिया और तेज होगी। उन्होंने पिछली सरकार पर आरोप लगाया कि उसने सीएए को लेकर लोगों के बीच भ्रम फैलाया और इसे एनआरसी से जोड़कर गलत जानकारी दी। मुख्यमंत्री के अनुसार, केंद्र सरकार के साथ समन्वय के बाद आवेदन प्रक्रिया को और तेज करने के लिए जिला स्तर पर प्रशासनिक अधिकार भी दिए जाने की तैयारी चल रही है।
300 लोगों को मिला भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र
कोलकाता के न्यू टाउन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने उत्तर 24 परगना जिले के मतुआ समुदाय के 300 सदस्यों को भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपे। इस दौरान उन्होंने कहा कि सीएए के तहत पात्र लोगों को बिना किसी डर या भ्रम के आवेदन करना चाहिए। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक योग्य आवेदकों को नागरिकता उपलब्ध कराना है।
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‘CAA नागरिकता देने का कानून है’
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम का उद्देश्य किसी की नागरिकता छीनना नहीं, बल्कि पात्र लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस कानून को लेकर कई तरह की गलतफहमियां फैलाई गईं, जबकि इसका उद्देश्य धार्मिक उत्पीड़न के शिकार शरणार्थियों को कानूनी पहचान देना है।
छह महीने में लंबित आवेदन निपटाने का दावा
सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा की कि पश्चिम बंगाल में सीएए के तहत लंबित सभी आवेदनों का निपटारा अगले छह महीनों के भीतर कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस दिशा में प्रशासनिक स्तर पर तेजी से काम किया जा रहा है ताकि पात्र आवेदकों को जल्द नागरिकता प्रमाण पत्र मिल सके।
अब तक जारी हुए हजारों प्रमाण पत्र
मुख्यमंत्री के अनुसार, अब तक राज्य में 23,956 नागरिकता प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 5,966 प्रमाण पत्र नई सरकार बनने के बाद पिछले 11 सप्ताह में जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में कुल 2,30,605 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें नदिया और उत्तर 24 परगना सबसे आगे हैं।
जिला स्तर पर मिलेगी प्रशासनिक शक्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह सचिव के साथ चर्चा के बाद सीएए आवेदनों के त्वरित निपटारे के लिए जिला मजिस्ट्रेटों को कानूनी और प्रशासनिक अधिकार देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे आवेदन प्रक्रिया में तेजी आने और लंबित मामलों के जल्द निपटान की उम्मीद है।
विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप
उन्होंने सीएए (CCA) मुद्दे पर जनता को गुमराह करने के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पिछली सरकार की आलोचना की। अधिकारी ने कहा कि पिछली सरकार ने सीएए को एनआरसी के रूप में पेश किया और जनता, विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय को गुमराह किया। यह झूठा प्रचार फैलाया गया कि सीएए के तहत आवेदन करने से नौकरी, राशन लाभ या लक्ष्मी भंडार योजना का नुकसान होगा। आज सच्चाई सामने आ गई है, और यहां तक कि विपक्षी विधायक भी स्वेच्छा से इस कार्यक्रम में शामिल हुए हैं।
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CAA के तहत किन लोगों को मिलती है नागरिकता
सीएए के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के पात्र शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
