ममता बनर्जी के किले में आखिरी सेंध! कौन हैं कल्याण बनर्जी, जिन्होंने अब TMC प्रमुख को दिखाई आंख?
TMC MP Kalyan Banerjee: सबसे बड़ा सवाल यह है कि ममता के किले के सबसे मबजूत स्तंभों में से एक कल्याण बनर्जी अचानक क्यों बागी हो गए? जिसे ममता के किले में आखिरी सेंध की तरह देखा जा रहा है।
- Written By: मनोज आर्या
कल्याण बनर्जी और ममता बनर्जी, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Who is Kalyan Banerjee: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा से मिली करारी हार के बाद तृमणूल कांग्रेस में सियासी उथल-पुथल जारी है। 15 सालों तक बंगाल में एकक्षत्र राज करने वाली टीएमसी इन दिनों बड़ी फूट का सामना कर रही है। पहले विधायक और अब सांसदों ने भी ममता बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सबसे ताज्जुब तब हुई जब काकोली घोष और सयोनी घोष जैसे करीबी नेताओं ने पार्टी का साथ छोड़ने की खबर सामने आई।
तृणमूल कांग्रेस में आई बड़ी राजनीतिक भूचाल से संभलने की कोशिश में जुटी ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका लगा है, जब उनके बेहद नजदीकी कल्याण बनर्जी ने भी बगावत की सुर तेज कर दी है। कल्याण बनर्जी ने टीएमसी सुप्रीमो को अल्टीमेटम दिया है कि आपको अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी और मेरे में से किसी एक को चुनना होगा। उन्होंने सख्त शब्दों में कहा है कि हम दोनों साथ-साथ नहीं रह सकते हैं। इस बयान ने पार्टी में फूट से कमजोर ममता की मुश्किलें और बढ़ा दी है।
कौन हैं टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी?
कल्याण बनर्जी एक सीनियर एडवोकेट और राजनेता हैं। 4 जनवरी, 1957 में जन्में बनर्जी सुप्रीम कोर्ट और कोलकता हाई कोर्ट में वरिष्ठ वकील के रूप में भी काम करते हैं। वह लगातार चार बार लोकसभा का चुनाव जीतकर संसद पहुंचे हैं। 2009, 2014, 2019 और 2024 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में श्रीरामपुर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीतकर सांसद बनें।
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कल्याण बनर्जी का एजेकशनल बैकग्राउंड
कल्याण बनर्जी की एजुकेशन क्वालिफिकेशन की बात करें, तो उन्होंने B.Com. और LL.B किया है। वह एक जाने-माने वकील हैं, जो अक्सर तृणमूल कांग्रेस के लिए कई केस लड़ते रहे हैं। कल्याण बनर्जी 1981 से कलकत्ता हाई कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने जो कुछ केस हैंडल किए हैं उनमें रिजवानुर रहमान केस, नंदीग्राम से जुड़े मामले, छोटा अंगारिया केस, भिखारी पासवान केस, सिंगूर में सेक्शन-144 लगाना और जमीन अधिग्रहण के अलग-अलग केस शामिल हैं।
कल्याण बनर्जी पर भीड़ ने किया था हमला
बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुए कई राजनीतिक हिंसों में टीएमसी नेताओं पर लगातार कई हमले हुए। पहले 30 मई 2026 को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी पर भीड़ ने हमला कर दिया। अगले दिन, 31 मई 2026 को कल्याण बनर्जी पर कथित तौर पर पश्चिम बंगाल के चंडीतला में उनके ही चुनाव क्षेत्र में हमला हुआ। इस हमले में उनके सिर पर चोट लगी और वहां खड़े पुलिसवाले भी घायल हो गए।
कल्याण बनर्जी के बागी बनने की कहानी
हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह है कि ममता के किले के सबसे मबजूत स्तंभों में से एक कल्याण बनर्जी अचानक क्यों बागी हो गए? जिसे ममता के किले में आखिरी सेंध की तरह देखा जा रहा है। इस पूरे मामले को समझने के लिए हमें इसके बैकग्राउंड की कहानी को जानना जरूरी होगा। दरअसल, कल्याण बनर्जी ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी के एक केस को लड़ रहे थे। लेकिन अचानक देर रात उन्हें एक कॉल आता है और बताया जाता है कि इस मामले को लेकर आपकी जगह कोर्ट में कोई दूसरा वकील लड़ेगा।
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अपना दर्द बयां करते हुए कल्याण बनर्जी ने कहा कि वे अभिषेक बनर्जी से जुड़े तलाशी और समन के एक बेहद अहम कानूनी मामले में कोर्ट में संभाल रहे थे। उन्होंने बताया कि घंटों कोर्ट में इंतजार कर केस की पूरी तैयारी की, लेकिन आधी रात को उन्हें पता चला कि उस केस से उन्हें अलग कर दिया गया है।
