सांकेतिक तस्वीर (Image- Social Media)
West Bengal Elections: आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पश्चिम बंगाल में केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों की अब तक की सबसे बड़ी तैनाती की तैयारी की गई है। इसके तहत चुनाव के दौरान राज्य में 500 से अधिक कंपनियों के जवान तैनात किए जाएंगे। जानकारी के अनुसार अब तक लगभग 480 कंपनियां राज्य में पहुंच चुकी हैं और ये जवान चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से लेकर उसके समाप्त होने तक तैनात रहेंगे। इस योजना को लेकर गृह मंत्रालय और राज्य सरकार के बीच बातचीत हो चुकी है तथा इसकी जानकारी चुनाव आयोग को भी दे दी गई है।
तैयार योजना के अनुसार पहले चरण में 240 कंपनियों को विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। इसके बाद राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बलों को लगाया जाएगा। अर्धसैनिक बलों की यह तैनाती राज्य पुलिस के साथ मिलकर की जाएगी। इसमें Central Reserve Police Force, Border Security Force, Indo-Tibetan Border Police, Central Industrial Security Force, Sashastra Seema Bal और Assam Rifles के जवान शामिल होंगे।
कुल तैनाती में सीआईएसएफ की 37 कंपनियां, बीएसएफ की 160, आईटीबीपी की 47, एसएसबी की 46 और सीआरपीएफ की 230 कंपनियां शामिल हैं। अर्धसैनिक बलों के जवानों और अधिकारियों को दो चरणों में 1 मार्च और 10 मार्च 2026 को उनकी इकाइयों से पश्चिम बंगाल भेजा जाएगा।
पहले चरण में सीआरपीएफ की 110 कंपनियां, बीएसएफ की 55 कंपनियां, सीआईएसएफ की 21 कंपनियां, आईटीबीपी की 27 कंपनियां और एसएसबी की 27 कंपनियां तैनात की जाएंगी। इन बलों को उत्तर बंगाल के आठ जिलों समेत Darjeeling और Kalimpong जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में भी लगाया जाएगा।
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इसी बीच चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में हलचल तब बढ़ गई जब सीवी आनंद बोस ने गुरुवार शाम अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस कदम पर आश्चर्य जताया और बताया कि R. N. Ravi, जो वर्तमान में तमिलनाडु के राज्यपाल हैं, अब पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे।