बंगाल ने रचा इतिहास! आजादी के बाद सबसे ज्यादा मतदान, मुख्य चुनाव आयुक्त ने जनता को दी बधाई
West Bengal Assembly Elections: बुधवार को अंतिम चरण का मतदान प्रतिशत 23 अप्रैल को पहले चरण में दर्ज किए गए 93.19 प्रतिशत के आंकड़े के बहुत करीब या उससे भी अधिक होने की संभावना है।
- Written By: मनोज आर्या
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, (सोर्स- IANS)
Record Voting In West Bengal Assembly Elections: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बुधवार की शाम को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दोनों चरणों में रिकॉर्ड संख्या में मतदान प्रक्रिया में भाग लेने के लिए वहां की जनता को बधाई दी। पहले चरण में 23 अप्रैल को और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान हुआ। भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा जारी एक बयान में ज्ञानेश कुमार के हवाले से यह कहा गया कि स्वतंत्रता के बाद से पश्चिम बंगाल में पहले और दूसरे, दोनों चरणों में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया है। चुनाव आयोग इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पश्चिम बंगाल के प्रत्येक मतदाता को बधाई देता है।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, शाम 7.45 बजे तक दर्ज मतदान प्रतिशत 91.66 प्रतिशत रहा। पश्चिम बंगाल आम चुनाव के पहले चरण में मतदान भागीदारी 93.19 फीसदी थी। दोनों चरणों का संयुक्त मतदान प्रतिशत 92.47 फीसदी है।
मतदान प्रक्रिया पर EC की पैनी नजर
सीईओ कार्यालय की ओर से बताया गया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त डॉ. एसएस संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर लाइव वेबकास्टिंग के माध्यम से मतदान पर कड़ी निगरानी रखी, जिसे पश्चिम बंगाल (द्वितीय चरण) के सभी मतदान केंद्रों पर सुनिश्चित किया गया था। सीईओ कार्यालय के एक सूत्र ने बताया कि यह अंतिम आंकड़ा नहीं है, क्योंकि शाम 6 बजे तक कुछ मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें लगी थीं, इसलिए अंतिम मतदान प्रतिशत देर शाम या गुरुवार की सुबह तक उपलब्ध होगा।
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पहले चरण में 93.19% हुई थी वोटिंग
बुधवार को अंतिम चरण का मतदान प्रतिशत 23 अप्रैल को पहले चरण में दर्ज किए गए 93.19 प्रतिशत के आंकड़े के बहुत करीब या उससे भी अधिक होने की संभावना है। पहले चरण में 152 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतदान हुआ था, जबकि बुधवार को दूसरे चरण में शेष 142 क्षेत्रों के लिए मतदान हुआ। परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। शाम 6 बजे तक पूर्वी बर्दवान जिले में सबसे अधिक 93.39 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। सबसे कम मतदान कोलकाता (दक्षिण) के चुनावी जिले में 87.25 प्रतिशत रहा।
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छिटपुट हिंसा की घटनाएं हुई दर्ज
जिले और कोलकाता के कुछ इलाकों में छिटपुट चुनावी हिंसा और झड़पों को छोड़कर, समग्र मतदान प्रक्रिया कमोबेश शांतिपूर्ण रही। यह मतदान केंद्रीय बलों की 2,407 कंपनियों की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के तहत संपन्न हुआ, जिसकी निगरानी 142 सामान्य पर्यवेक्षकों और 95 पुलिस पर्यवेक्षकों ने की, जो पहले चरण के मतदान में 84 अधिक थे।
