CEC ज्ञानेश कुमार की जाएगी कुर्सी? 73 सांसदों ने उठाया बड़ा कदम, मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगाए गंभीर आरोप

CEC Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए 73 विपक्षी सांसदों ने नोटिस भेजा है। जयराम रमेश ने सिद्ध दुर्व्यवहार के आरोप लगाए है। इसमें संवैधानिक प्रावधानों का हवाला दिया।
73 Opposition Rajya Sabha MPs submit a formal notice to remove CEC Gyanesh Kumar over "proven misconduct." Jairam Ramesh cites Article 324(5).
ज्ञानेश कुमार और जयराम रमेश (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Remove CEC Gyanesh Kumar Notice: कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया है कि राज्यसभा के 73 विपक्षी सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए औपचारिक नोटिस सौंपा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने राष्ट्रपति को नोटिस भेजा है। इस बात की जानकारी जयराम रमेश ने दी।

जयराम रमेश के अनुसार, यह प्रस्ताव राज्यसभा के महासचिव को दिया गया है, जिसमें भारत के राष्ट्रपति से CEC को हटाने की सिफारिश करने का अनुरोध किया गया है। नोटिस में “सिद्ध दुर्व्यवहार” को आधार बनाया गया है, जिसमें 15 मार्च 2026 और उसके बाद की गई कथित कार्रवाइयों और चूकों का उल्लेख है।

कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट कर जानकारी दी कि, "राज्यसभा के 73 विपक्षी सांसदों ने अभी-अभी सदन के महासचिव को एक नया प्रस्ताव नोटिस सौंपा है। इस नोटिस में भारत के राष्ट्रपति को एक संबोधन प्रस्तुत करने का अनुरोध किया गया है, जिसमें भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की गई है।"

संवैधानिक प्रावधानों का दिया हवाला

विपक्ष ने उनहें हटाने का कारण बताया और लिखा, उन्हें हटाने का आधार 'सिद्ध दुर्व्यवहार' बताया गया है, जिसमें 15 मार्च 2026 को और उसके बाद किए गए कार्य और चूक शामिल हैं। यह मांग भारत के संविधान के अनुच्छेद 324(5) (जिसे अनुच्छेद 124(4) के साथ पढ़ा जाए), 'मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023' की धारा 11(2), और 'न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968' के प्रावधानों के तहत की गई है।

अब CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नौ विशिष्ट आरोप हैं, जिन्हें बहुत विस्तार से दस्तावेज़ित किया गया है; इन आरोपों से न तो इनकार किया जा सकता है और न ही इन्हें छिपाया जा सकता है। उनका पद पर बने रहना संविधान पर एक हमला है। यह अत्यंत शर्मनाक बात है कि यह व्यक्ति अभी भी अपने पद पर बना हुआ है और प्रधानमंत्री तथा गृहमंत्री के इशारों पर काम कर रहा है।

सरकार पर भी निशाना

कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त का पद पर बने रहना संविधान की भावना के खिलाफ है और यह “शर्मनाक” स्थिति है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि CEC सरकार के शीर्ष नेतृत्व के इशारों पर काम कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक सरकार या चुनाव आयोग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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