योगी के नक्शेकदम पर चल पड़े सीएम सुवेंदु अधिकारी, बंगाल में लाउडस्पीकर और सड़कों पर नमाज-पूजा पर लगा बैन
Suvendu Adhikari Orders: सीएम सुवेंदु अधिकारी ने कार्यभार संभालते ही धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज कम करने और सड़कों पर धार्मिक गतिविधियों के कारण लगने वाले जाम को रोकने के सख्त निर्देश दिए।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
सुवेंदु अधिकारी, (सोर्स- सोशल मीडिया)
West Bengal Loudspeaker Ban: पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद सुवेंदु अधिकारी अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। सोमवार को नबन्ना में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के साथ अपनी पहली औपचारिक बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं।
अधिकारी के इन शुरुआती फैसलों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मॉडल से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा को सर्वोपरि रखने की बात कही जा रही है।
धार्मिक स्थलों से बाहर नहीं आएगी आवाज
मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि किसी भी धार्मिक स्थल से लाउडस्पीकर की आवाज परिसर से बाहर न जाए। इसके साथ ही, विशेष अवसरों को छोड़कर, सड़कों पर ऐसी किसी भी प्रार्थना सभा या धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी जिससे ट्रैफिक जाम हो और आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़े।
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हालांकि आदेश में किसी धर्म विशेष का नाम नहीं लिया गया है, लेकिन इसे सार्वजनिक स्थलों पर शांति बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस फैसले पर नखोदा मस्जिद के ट्रस्टी नासिर इब्राहिम और सर्व भारतीय प्राच्य अकादमी के प्रिंसिपल जयंत कुशारी जैसे धार्मिक नेताओं ने भी सहमति जताई है और इसे सभ्य समाज के लिए जरूरी बताया है।
अपराध और सिंडिकेट राज पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि बंगाल में अब अवैध कोयला खनन, रेत उत्खनन और पशु तस्करी जैसे अपराधों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इन गतिविधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ अपनाने का आदेश दिया है। साथ ही, महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर भी नकेल कसने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने पुलिस को आदेश दिया है कि राज्य में मौजूद अवैध हथियारों को तुरंत बरामद किया जाए और सांप्रदायिक हिंसा भड़काने वालों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में कार्रवाई की जाए।
2021 और 2024 की चुनावी हिंसा के मामले फिर खुलेंगे
सुवेंदु अधिकारी ने पिछली सरकार के दौरान हुई चुनावी हिंसा के पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 2021 और 2024 के चुनावों के बाद हुई हिंसा, गुंडागर्दी और रंगदारी के मामलों को फिर से खोला जाए। लगभग 1,300 से ज्यादा ऐसे मामले जो केवल जीडी एंट्री के तौर पर दर्ज थे, अब उनकी गहन जांच की जाएगी और आरोपियों की गिरफ्तारियां सुनिश्चित की जाएंगी।
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ममता सरकार के नारों और विज्ञापनों पर चलेगी कैंची
प्रशासनिक स्तर पर बदलाव लाते हुए मुख्यमंत्री ने विभागीय सचिवों को निर्देश दिया है कि वे सरकारी होर्डिंग्स, विज्ञापनों या पट्टिकाओं में पिछली ममता बनर्जी सरकार के नारों का उपयोग तुरंत बंद कर दें। इसके अलावा, मवेशियों की तस्करी रोकने के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं, जिसके तहत 14 साल से अधिक उम्र के मवेशियों के परिवहन को पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा रेगुलेट किया जाएगा और अवैध बूचड़खानों पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। पहली ही बैठक में सीएम ने साफ कर दिया है कि राज्य में अब कानून सभी पर समान रूप से लागू होगा।
